प्रदेश फल एवं सब्जी उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान कहते हैं कि सरकार ने आढ़तियों और लदानियों पर कोई नकेल नहीं कसी है। सेब कारोबार से जुड़े आढ़तियों और लदानियों का पंजीकरण और सिक्योरिटी राशि 25 से 30 लाख तक ली जाए। पंजीकरण के समय व्यापारी का आधार नंबर भी जरूर लें। तभी जाकर बागवानों का आर्थिक शोषण रुक सकेगा।
कानून बनाने पर विचार कर रही सरकार : मारकंडा
कृषि मंत्री राम लाल मारकंडा कहते हैं कि अभी तक आढ़तियों और लदानियों पर शिकंजा कसने को कोई कानून नहीं हैं। इनका पंजीकरण करना और सिक्योरिटी राशि जमा कराने की व्यवस्था नहीं है। सरकार शीघ्र सेब और अन्य फलों का कारोबार करने वाले व्यापारियों पर नकेल कसने को कानून बनाने पर विचार कर रही है। बागवानों को धोखा देने वाले व्यापारियों से धनराशि की रिकवरी की जा सके।