हिमाचल एम्स बिलासपुर।
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हिमाचल में बुधवार 5 अक्तूबर का दिन ऐतिहासिक है। छोटे से पहाड़ी राज्य के पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिलासपुर के कोठीपुरा में करेंगे। इसके साथ ही पहाड़ के लोगों की पीड़ा लगभग खत्म हो जाएगी। इस अस्पताल में विश्व स्तरीय विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिलना शुरू हो जाएंगी। 24 घंटे आपातकालीन सेवाओं, गंभीर रोगों के उपचार और बेहतरीन सुविधाओं के लिए सूबे के लोगों को इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़, एम्स दिल्ली या पंजाब के प्राइवेट अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। साथ ही महंगे उपचार और टेस्ट से भी छुटकारा मिल जाएगा।
लोकार्पण के साथ ही 750 में से 150 बेड की सुविधा के अलावा 10 स्पेशलिटी और 10 सुपर स्पेशलिटी की ओपीडी सेवाएं मिलेंगी। डायलिसिस, अल्ट्रासोनोग्राफी, सीटी स्कैन, एमआरआई, आधुनिक डायग्नोस्टिक मशीनों, अमृत फार्मेसी, जन औषधि केंद्र और 30 बिस्तरों वाले आयुष ब्लॉक की सेवाएं मिलना शुरू हो जाएंगी। पहली बार है जब हिमाचल में इतने बड़े स्तर पर कोई स्वास्थ्य संस्थान शुरू होने जा रहा है। इससे पहले हिमाचल के लोगों को सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चंडीगढ़ पीजीआई और दिल्ली का रुख करना पड़ता था।3 जनवरी 2018 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के चरण-5 के तहत आधिकारिक रूप से स्वीकृत किया गया था। उसके बाद युद्धस्तर पर इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ और इसे कोरोना काल के बीच पांच साल दो दिन में पूर्ण रूप से जनता को समर्पित कर दिया गया।
यह मिलेंगी सुविधाएं
एम्स के लोकार्पण के बाद यहां पर ओपीडी में मरीजों को सुपर स्पेशलिस्ट विशेषज्ञों की सेवाएं मिलेंगी। आधुनिक उपकरणों में सीटी स्कैन, एमआरआई, एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, फ्लोरोस्कोपी, फोर डी कलर डॉप्लर टेस्ट की सुविधाएं मिलेंगी। यह सुविधाएं लोकार्पण के तुरंत बाद से मिलना शुरू होंगी। इसके अलावा एम्स बिलासपुर में डायलिसिस की सुविधा भी बुधवार से मिलना शुरू हो जाएगी। खास बात यह है कि यह सभी मशीनरी स्वास्थ्य के क्षेत्र में सबसे आधुनिक उपकरणों में शामिल है। प्रदेश में इससे पहले इस तरह की सुविधाएं न के बराबर थी और लोगों को इसके लिए बाहरी राज्यों का रुख करना पड़ता था।
इन 20 ओपीडी में 91 विशेषज्ञों की मिलेंगी सेवाएं
एम्स बिलासपुर ।
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ब्लॉक-बी
1. न्यूरोलॉजी में एक विशेषज्ञ, ओपीडी नंबर 63
ओपीडी दो दिन, मंगलवार, शनिवार
2. जनरल सर्जरी, विशेषज्ञ दो, ओपीडी नंबर 35
सप्ताह में छह दिन होगी ओपीडी
3. प्लास्टिक सर्जरी, एक विशेषज्ञ, ओपीडी नंबर 44
हफ्ते में तीन दिन, सोम, बुध और शुक्र
4. पीडियाट्रिक सर्जरी, एक विशेषज्ञ, ओपीडी नंबर 42
सप्ताह के दो दिन ओपीडी, सोम, बुध
5. यूरोलॉजी, विशेषज्ञ एक, ओपीडी नंबर 8
सप्ताह में दो दिन, मंगलवार, वीरवार
6. सीटीवीएस (हृदय बाईपास सर्जरी) एक विशेषज्ञ, ओपीडी नंबर 14
हफ्ते में दो दिन, मंगलवार, वीरवार
7. मेडिकल ऑन्कोलॉजी (कैंसर संबंधी बीमारी) एक विशेषज्ञ, ओपीडी नंबर 17
सप्ताह में एक दिन ओपीडी, शुक्रवार
8. रेडिएशन ऑन्कोलॉजी (कैंसर थेरेपी) विशेषज्ञ एक, ओपीडी नंबर 18
सप्ताह में दो दिन, शुक्रवार, शनिवार
9. ओबीएस एंड गायनी, पांच विशेषज्ञ, ओपीडी नंबर 55
ओपीडी सप्ताह में छह दिन
10. डर्मेटोलॉजी (त्वचा विशेषज्ञ), दो विशेषज्ञ, ओपीडी नंबर 24
सप्ताह में छह दिन मिलेंगी सेवाएं
11. शिशु रोग विशेषज्ञ, दो विशेषज्ञ, ओपीडी नंबर 48
सप्ताह में छह दिन मिलेंगी सेवाएं
12. नियोनेटोलॉजी (नवजात बच्चों की ओपीडी) एक विशेषज्ञ, ओपीडी नंबर 50
सप्ताह में तीन दिन, सोम, बुध और शुक्र
13. नेफ्रोलॉजी (गुर्दे, किडनी संबंधित), विशेषज्ञ दो, ओपीडी नंबर 10
सप्ताह में तीन दिन, सोम, बुध, शुक्र
14. सर्जिकल ऑन्कोलॉजी (कैंसर विज्ञान शल्य चिकित्सा) विशेषज्ञ एक, ओपीडी नंबर 43
सप्ताह में तीन दिन, सोम, बुध और शुक्र
15. एंडोक्रिनोलॉजी (हार्मोन उत्पन्न करने वाली ग्रंथियों संबंधी), विशेषज्ञ एक, ओपीडी नंबर 38
सप्ताह में तीन दिन, सोम, बुध, शुक्र
16. मनोचिकित्सक ओपीडी, विशेषज्ञ एक, ओपीडी नंबर 6
सप्ताह में तीन दिन, मंगल, वीर, शनि
17. हड्डी रोग विशेषज्ञ, चार विशेषज्ञ, ओपीडी नंबर 1
सप्ताह में छह दिन
18. जनरल मेडिसिन, 6 विशेषज्ञ, ओपीडी नंबर 61,62
सप्ताह में छह दिन
19. ईएनटी, विशेषज्ञ तीन, ओपीडी नंबर 29
सप्ताह में छह दिन
20. नेत्र विभाग, विशेषज्ञ दो, ओपीडी नंबर 6
सप्ताह में छह दिन
कैंसर के इलाज के लिए पीजीआई जाने से छुटकारा
एम्स में लगी अत्याधुनिक मशीनें।
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एम्स शुरू होने का सबसे बड़ा फायदा कैंसर संबंधी बीमारियों के मरीजों को होगा। पीजीआई के चक्कर काटने से छुटकारा मिलेगा। वहीं प्लास्टिक सर्जरी के लिए भी परेशान नहीं होना पड़ेगा
दो ऑपरेशन थियेटर होंगे शुरू
बुधवार से ही एम्स के दो ऑपरेशन थियेटर शुरू हो जाएंगे। अब से यहां पर मेजर ऑपरेशन भी शुरू होंगे। सड़क हादसे और अन्य गंभीर अवस्था में मरीजों को पीजीआई रेफर किया जाता था, उसका ऑपरेशन अब एम्स में होंगे। एम्स में डायलिसिस की सेवाएं भी एम्स में शुरू हो जाएगी।
ब्लॉक ए में 150 बिस्तर की सुविधा
एम्स में लगे बिस्तर।
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ब्लॉक ए के आईपीडी विभाग में 150 बिस्तर की सेवाएं बुधवार से शुरू होंगी। इसके अलावा ब्लॉक बी के दो मंजिलों पर 10 स्पेशलिटी और 10 सुपर स्पेशलिटी की ओपीडी सेवाएं मिलेंगी। ब्लॉक सी लैब और रेडियोलॉजी सेवाओं के साथ डायग्नोस्टिक विंग की सुविधा रहेगी। यहां पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री विभागों की लैब उपलब्ध रहेंगी। डीआर सिस्टम, 2डी इको, सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, मेमोग्राफी, फ्लोरोस्कोपी की रेडियोलॉजिकल सेवाएं भी इसी ब्लॉक में उपलब्ध होंगी।
सात पर्ची काउंटर शुरू, 10 रुपये शुल्क
एम्स का पर्ची काउंटर।
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एम्स में मरीजों की सुविधा के लिए सात पर्ची काउंटर शुरू किए गए हैं। इसमें एक वरिष्ठ नागरिकों के लिए पांच सामान्य हैं। वहीं एक पर्ची काउंटर आईपीडी में शुरू किया गया है। अहम बात यह है कि एक बार दस रुपये पर्ची की फीस देनी होगी। इसके बाद सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। मरीज को अपना एचयूआईडी नंबर याद रखना होगा।
जल्द शुरू होगा पैट स्कैन
एम्स में अभी आईसीयू के चार बेड की सुविधा मिलेगी। वहीं अस्पताल के डायग्नोज सेंटर में पैट स्कैन की सुविधा भी जल्द शुरू होगी।
शैक्षणिक और प्रशासन ब्लॉक
शैक्षणिक ब्लॉक।
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एम्स में लैब म्यूजियम, सेमिनार कम लाइब्रेरी रूम, डेमोस्ट्रेशन रूम, एनाटॉमी, फिजियोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री के प्री क्लीनिकल विभाग, पैथोलॉजी, फार्माकोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फोरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी, कम्यूनिटी एंड फैमिली मेडिसिन के पैरा क्लीनिक विभाग हैं। 120 लोगों के बैठने की क्षमता वाले चार लेक्चर रूम, प्री क्लीनिकल और पैरा क्लीनिक विभागों के प्रदर्शन कक्ष और छात्र प्रयोगशाला हैं। संस्थान में केंद्रीय पुस्तकालय, रसोई के साथ कैफेटेरिया और संकाय और छात्रों के लिए सार्वजनिक कमरे हैं।
मेडिकल छात्रों और स्वास्थ्य प्रोफेशनल्स के लिए बुनियादी और उन्नत कौशल सीखने में उत्कृष्टता केंद्र बनाने के लिए संस्थान में एक चिकित्सा शिक्षा इकाई और एक अत्याधुनिक नैदानिक कौशल और सिमुलेशन प्रशिक्षण केंद्र स्किल लैब होगा। निकट भविष्य में अत्याधुनिक अनुसंधान उपकरण और सुविधा के साथ एक उन्नत सेंट्रल रिसर्च लैब स्थापित करने का प्रस्ताव है। प्रशासनिक अनुभाग में अध्यक्ष, कार्यकारी निदेशक, उप निदेशक (प्रशासन) शिक्षा विभाग,अनुसंधान और परीक्षा के डीन वित्तीय सलाहकार और अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के सदस्यों के लिए कार्यालय हैं।
कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज
एम्स में लगी मशीनें।
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कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज मौजूदा नाइट शेल्टर में इसी माह से बीएससी नर्सिगिं 10 बीएससी एमएलटी 5 बीएससी डायलिसिस टेक्नोलॉजी और 5 बीएससी रेडियोलॉजी और इमेजिंग टेक्नोलॉजी के छात्रों की क्षमता के साथ शुरू होगा।
अस्पताल परिसर में तीन हेलीपैड
संस्थान में पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के तहत इलाज के लिए एक अलग आयुष भवन भी है। हिंद लैब एचएलएल हेल्थ केयर के साथ हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के अनुसार लैब सेवाएं प्रदान कर रही है। अमृत फार्मेसी के माध्यम से दवाएं सस्ती दरों पर उपलब्ध हैं। अस्पताल परिसर में तीन हेलीपैड निर्मित किए गए हैं।
अस्पताल ब्लॉक
एम्स में मरीज की जांच करते डॉक्टर
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एम्स बिलासपुर ओपीडी मुख्य अस्पताल भवन के बी ब्लॉक से संचालित है। मरीजों को ओपीडी ब्लॉक तक पहुंचने के लिए गेट नंबर 1 का उपयोग करना होगा। अस्पताल के उद्घाटन के बाद शुरू में 150 बिस्तरों के साथ आईपीडी सेवाएं शुरू की जाएगी, जिसे बाद में अगले एक साल में चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 750 बिस्तर कर दिया जाएगा। आयुष ब्लॉक से एक्स रे और अल्ट्रासाउंड किया जाएगा। ब्लॉक डी इसमें 10 बेड और 2 ओटी, 2 जनरल ऑपरेशन थियेटर, प्री पोस्ट ऑपरेशन क्षेत्र और 2 प्रसूति और स्त्री रोग ओटी के साथ आपातकालीन क्षेत्र होगा। ब्लॉक ई इसमें 16 बिस्तरों की आईसीयू सुविधा होगी।
डिजिटल स्वास्थ्य केंद्र
आयुष ब्लॉक में डिजिटल स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश के सहयोग से ई संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा मई 2021 के महीने में शुरू की गई।
एम्स बिलासपुर
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एम्स बिलासपुर ने सेंटर फॉर इनोवेशन एंड बायो डिजाइन चंडीगढ़ के साथ ग्रामीण और दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों में टेलीमेड डायग्नोस्टिक सेवाएं प्रदान करने के लिए बिलासपुर, किन्नौर, चंबा, लाहौल और स्पीति के दुर्गम आदिवासी जिलों में 4 ऐसे केंद्रों के माध्यम से एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। एम्स बिलासपुर ने आईआईटी मंडी के साथ जनता की जरूरतों के लिए अभिनव, मितव्ययी लेकिन अत्याधुनिक स्वास्थ्य देखभाल प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए एक शोध सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। एनआईईपीवीडी, देहरादून और सीआरसीए सुंदरनगर, एम्स बिलासपुर ने गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए संस्थानों के बीच सहयोग शुरू करने के उद्देश्य से नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर इंपावरमेंट ऑफ र्सन विद विजुअल डिसेबिलिटी (एनआईईपीवीडी) राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान देहरादून और संयुक्त क्षेत्रीय केंद्र के साथ राज्य भर में दिव्यांगों के कल्याण के लिए पुनर्वास सेवाएं संबंधित समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
छह महीनों में 56,227 का चेकअप और 522 ऑपरेशन किए
एम्स की ओपीडी।
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5 दिसंबर 2021 से संस्थान ने आयुष ब्लॉक में 19 स्पेशलिटी और सुपर स्पेशियलिटी विभागों में ओपीडी और माइनर ओटी सेवाएं शुरू की। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, सीएडी, अस्थमा, सीओपीडी, सीकेडी, मल्टीपल स्केलेरोसिस, थायराइड रोग आदि जैसे विभिन्न चिकित्सा मुद्दों के लिए डे केयर सेवाएं प्रदान की जाती हैं। विभिन्न सर्जिकल शाखाएं विशेष क्लीनिकल सेवाएं और मामूली ऑपरेशन प्रक्रियाएं प्रदान कर रही हैं। पिछले छह महीनों में कुल 56227 ओपीडी परामर्श और 522 छोटी शल्य प्रक्रियाएं की गई हैं। अस्पताल में आधुनिक तकनीक से सुसज्जित डायग्नोस्टिक और प्रयोगशाला की सुविधा भी होगी।
कम्युनिटी आउटरीच
बिलासपुर एम्स
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एम्स बिलासपुर ने क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में विशेषज्ञ ओपीडी सेवाएं प्रदान की हैं। मई से नवंबर 2021 की अवधि के दौरान कुल 15879 रोगियों को देखा गया और उनका इलाज किया गया। मल्टी स्पेशलिटी मेडिकल कैंप हिमाचल प्रदेश के दुर्गम और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए मल्टीस्पेशलिटी स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया।
एम्स में क्लासरूम।
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एमबीबीएस के पहले बैच का शैक्षणिक सत्र 11 जनवरी 2021 को शुरू हुआ था। दूसरा वैच मार्च 2022 में शामिल हुआ था। एमबीबीएस के पहले और दूसरे बैच में 50 छात्रों की संख्या थी। अक्तूबर 2022 में 100 छात्रों के तीसरे बैच के शामिल होने की उम्मीद है। संस्थान इस माह से 40 बीएससी नर्सिगिं, 10 बीएससी एमएलटीए 5 बीएससी डायलिसिस टेक्नोलॉजी और 5 बीएससी रेडियोलॉजी और इमेजिंग टेक्नोलॉजी के छात्रों की क्षमता के साथ नर्सिगिं और पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू करेगा। अगले कुछ वर्षों में क्लीनिकल और पैराक्लीनिकल में स्नातकोत्तर (एमडी/ एमएस) और पीएचडी और डीएम/एमसीएच पाठ्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।
प्रदेश के जिलों से एम्स की दूरी
एम्स बिलासपुर
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जिला पीजीआई एम्स बिलासपुर
ऊना 117.4 103.7
हमीरपुर 184.21 68.4
मंडी 195.7 74.5
सोलन 69 96
कुल्लू 265 144
कांगड़ा 216 141
शिमला 112 76
किन्नौर 339 299
चंबा 355 267