हड्डियों की कमजोरी (ऑस्टियोपोरोसिस) बीमारी को रागी (फिंगर मिलेट) की रोटी दूर करेगी। रागी में फाइबर और प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। रागी सबसे पौष्टिक अनाज में से एक माना जाता है। कृषि विभाग हमीरपुर के पास रागी बीज की सप्लाई पहुंच गई है।
विभाग किसानों को सब्सिडी पर रागी का बीज उपलब्ध करवाएगा। रागी अनेक प्रकार के पोषक तत्वों से युक्त और ऊर्जा प्राप्त करने का एक अच्छा स्रोत है। रागी की रोटी खाने में भी स्वादिष्ट होती है। इसमें कैल्शियम की मात्रा सबसे अधिक होती है। रागी अन्न खाकर लोग वजन को कम कर सकते हैं। कृषि विभाग हमीरपुर के पास साउथ से 15.20 क्विंटल रागी की सप्लाई पहुंची है।
विभाग अब जल्द इसे जिले के सभी ब्लॉकों में भेजेगा। रागी का बीज लोग अपने नजदीक कृषि विक्रय केंद्र से प्राप्त कर सकते हैं। इसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत 30 रुपये सब्सिडी दी जाएगी। कृषि विक्रय केंद्रों में रागी का बीज 70 रुपये प्रति किलोग्राम मिलेगा। लोग रागी को अपनी डाइट में शामिल कर स्वस्थ रह सकते हैं। रागी के खाने से हड्डियां मजबूत होंगी। जो लोग ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी से ग्रस्त हैं।
उन लोगों के लिए रागी काफी फायदेमंद है। रागी के खाने से ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी से छुटकारा मिलेगा। रागी की रोटी, सेवियां और डोसा बनता है। उधर, कृषि विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक युद्धवीर सिंह पठानिया ने कहा कि रागी का बीज पहुंच गया है। अब इसकी सप्लाई सभी ब्लॉकों में भेजी जाएगी। उपनिदेशक ने कहा कि रागी के खाने के काफी फायदे हैं।