कांगड़ा केंद्रीय सहकारी (केसीसी) बैंक प्रबंधन ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (बीओडी) की सिफारिश पर नियमों की अवहेलना करने वाले अपने ग्रेड-3 सहायक प्रबंधक पद पर सेवारत कर्मचारी को डिमोट कर ग्रेड-4 क्लर्क के पद पर नियुक्ति दी है। आगामी तीन साल तक किसी प्रकार की पदोन्नति पर भी रोक लगा दी है। तबादला कांगड़ा शाखा में रिकवरी विंग में किया गया है। निर्णय लिया है कि गलत तरीके से आवंटित ऋण की रिकवरी समय पर न हुई तो संबंधित कर्मचारी के वेतन-पेंशन से इसकी कटौती की जाएगी। डिमोट हुए कर्मचारी संजय पर कई आरोप हैं।
बैंक प्रबंधन ने बैंकिंग नियमों की अवहेलना पर पांच कर्मचारियों को बर्खास्त किया था। चार कर्मचारियों को बहाल कर दिया है। ग्रेड-तीन कर्मचारी संजय पर गंभीर आरोप हैं। इसके चलते बीओडी ने उन्हें डिमोट कर ग्रेड-4 क्लर्क के पद पर नियुक्ति दी है। उन्हें आगामी तीन साल तक पदोन्नति न देने और ऋण की रिकवरी के आदेश दिए हैं। एक अन्य बर्खास्त कर्मचारी ने अभी तक औपचारिकताओं को पूरा नहीं किया है, जैसे ही औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी उसे भी बहाल कर दिया जाएगा। -आदित्य नेगी, (आईएएस) प्रबंध निदेशक, केसीसी बैंक धर्मशाला