प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश संजय करोल ने मंगलवार को स्कूली बच्चों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने प्रदेश के 116 स्कूलों के बच्चों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उनके मौलिक अधिकारों और पर्यावरण के प्रति जागरूक किया।
उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वह पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश संजय करोल ने बच्चों से कहा कि वह प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे पौधरोपण कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर भाग लेकर पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेवारी निभा रहे हैं।
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि प्राधिकरण कई सालों से प्रदेश में पौधरोपण कर रहा है। अभी प्रदेश में विभिन्न प्रजातियों के 11 लाख से अधिक पौधे रोपे जा चुके हैं। उन्होंने बच्चों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की भी जानकारी दी।
कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए बच्चे भी अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने बच्चों से जंगलों में फैले प्लास्टिक के कचरे को उठाने और वातावरण को स्वच्छ बनाने में अपना योगदान देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि केवल पौधे रोपने से पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेवारी पूरी नहीं होती बल्कि बच्चों को चाहिए कि वह रोपे गए पौधों की पूरी देखभाल करें और पूरे पर्यावरण को बचाने में मदद करें। उन्होंने बच्चों से सुझाव मांगे।
कहा कि पर्यावरण के प्रति बच्चों में अच्छी भावना तभी पैदा हो सकती है, यदि उनमें अच्छे संस्कार डाले जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों को माता-पिता, बुजुर्गों और शिक्षकों का आदर करना चाहिए।
उनके साथ अधिक से अधिक समय व्यतीत करना चाहिए, जिससे वह अच्छे संस्कार ग्रहण करके सभ्य नागरिक बनें। कहा कि वह मार्च में और बच्चों के साथ दोबारा बातचीत करेंगे और उनसे पर्यावरण को लेकर उनके सुझाव मांगेंगे।