हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले की झंबर पंचायत में सरकारी जंगल में खैर के पेड़ों का बड़े पैमाने पर अवैध कटान का मामला सामने आया है। दो-तीन दिनों के भीतर वन माफिया ने खैर के करीब 1,000 पेड़ों को काटकर जंगल को लगभग साफ कर दिया। कटे पेड़ों की कीमत करोड़ों रुपये में आंकी जा रही है। लोगों का कहना है कि हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े स्तर पर अवैध कटान होने के बावजूद वन विभाग को भनक तक नहीं लगी। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने पहले भी विभाग को जंगल में माफिया की सक्रियता के बारे में आगाह किया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को जब ग्रामीणों की नजर जंगल पर पड़ी तो बड़ी संख्या में खैर के पेड़ कटे मिले।