इसका अपना प्राकृतिक स्वाद और रंग होता है। अब सीएसआईआर-आईएचबीटी के साथ हुए इस समझौते के तहत कंपनी शुरू में अपने उत्पाद हिमाचल, पंजाब और नई दिल्ली में बेच सकती है। सीएसआईआर के निदेशक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि यह कॉफी अपने प्राकृतिक स्वाद के अलावा रसायन मुक्त होने से शरीर के लिए ऊर्जा वर्धक होगी।
संस्थान का उद्देश्य अपनी विकसित प्रौद्योगिकी से युवा उद्यमियों को बढ़ावा देना है। कंपनी ने कॉफी के लांचिग के दिन घोषणा की है कि कॉफी के हर बॉक्स की बिक्री से एक रुपये की राशि को जम्मू-कश्मीर के रोटरी इनरव्हील होम के माध्यम से मानसिक रूप से अक्षय बच्चों की सहायता के लिए दिए जाएंगे।