हिलोपा प्रमुख एवं कुल्लू से विधायक महेश्वर सिंह की भाजपा में ‘घर वापसी’ को हिमाचल में भाजपा के भीतर बदलते समीकरणों से जोड़ा जा रहा है। महेश्वर की वापसी को जेपी नड्डा के बढ़ते कद के रूप में देखा जा रहा है। महेश्वर सिंह पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के धुर विरोधी रहे हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो महेश्वर की वापसी का एक खेमा लगातार विरोध करता रहा है।
भाजपा कोर कमेटी की बैठक में भी कुछ बड़े नेताओं ने महेश्वर की घर वापसी पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद यह मामला पार्टी आलाकमान को दिल्ली भेजा गया। अब आलाकमान की हरी झंडी मिलते ही 14 अगस्त को महेश्वर सिंह की हिलोपा कुनबे के साथ भाजपा में वापसी तय है। लेकिन ये घर वापसी भाजपा के कई दिग्गज नेताओं को महंगी पड़ सकती है।
पार्टी में होगा एक नया ध्रुवीकरण
महेश्वर सिंह की वापसी के साथ हिलोपा के भाजपा में विलय से पार्टी में एक नया ध्रुवीकरण होगा। सूत्रों के अनुसार महेश्वर सिंह ने वापसी के लिए शांता कुमार, जेपी नड्डा और प्रेम कुमार धूमल से अलग-अलग मुलाकात की थी। इसके बाद भी एक खेमा उनके दोबारा पार्टी में शामिल होने का विरोध कर रहा था।
इसके बावजूद आला कमान की हरी झंडी को नड्डा फैक्टर के रूप में देखा जा रहा है। महेश्वर सिंह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के काफी करीब रहे हैं। रघुनाथ मंदिर के छड़ीबरदार होने के कारण महेश्वर की देव समाज में अच्छी पकड़ है। देव समाज का एक अपना वोट बैंक हैं।
इससे सूबे में नड्डा और मजबूत होंगे। इसीलिए दूसरे ध्रुव ने महेश्वर की इंट्री की शर्तें कठिन कर दी हैं। तीन बार भाजपा सांसद और दो बार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रहने वाले महेश्वर सिंह को पार्टी में एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में शामिल किया जा रहा है।
कार्यकर्ता की सदस्यता लेंगे महेश्वर सिंह
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि महेश्वर सिंह भाजपा में कार्यकर्ता के रूप में ज्वाइन करेंगे, पार्टी में उन्हें फिलहाल बड़ा पद नहीं दिया जाएगा। उन्हें नए सिरे से सदस्यता ग्रहण करनी होगी।
श्यामा शर्मा, महेंद्र नाथ सोफत की भी वापसी
पूर्व विधायक व हिलोपा नेता श्यामा शर्मा, मुख्य प्रवक्ता महेंद्र नाथ सोफत, उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा, हिलोपा कोर कमेटी के ग्रुप मेंबर दौलत राम, महासचिव धर्मचंद गुलेरिया, सोशल मीडिया प्रभारी मानव शर्मा, राज्य युवा अध्यक्ष गौरव शर्मा सहित अन्य पार्टी के पदाधिकारी एक साथ भाजपा में शामिल होंगे।
सहूलियत के हिसाब से होता है विलय
शिमला। हिलोपा के भाजपा में विलय और महेश्वर सिंह के भाजपा ज्वाइन करने पर आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह ने कहा कि किसी पार्टी का विलय होना उसका अंदरूनी मामला होता है। यह सहूलियत को देखकर किया जाता है। मूल रूप से तो हम सब कांग्रेसी
ही थे। मुझे कांग्रेस में रहना उचित लगा तो मैं कांग्रेस में ही रहा। महेश्वर सिंह को पहले लगा कि अलग पार्टी बनानी चाहिए तो हिलोपा बना ली। अब भाजपा में उन्हें सही लग रहा होगा तो वहां जा रहे हैं।