नूरपुर पुलिस जिले को मिलींं 6 आधुनिक मोटरसाइकिलें
चौड़ा मैदान से सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
मुख्यमंत्री बोले, प्रदेश में सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए उठाए जा रहे कदम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला शिमला की पुलिस को गश्त के लिए 19 हाई विजिबिलिटी पेट्रोलिंग मोटरसाइकिलें मिली हैं, जबकि 6 नूरपुर पुलिस जिले को उपलब्ध करवाई गई हैं। इससे जिला पुलिस को कानून व्यवस्था और यातायात को सुचारु करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को चौड़ा मैदान शिमला से यातायात के सुचारु संचालन और सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत शिमला और नूरपुर पुलिस के लिए हाई विजिबिलिटी क्षमता की 25 पेट्रोलिंग मोटरसाइकिलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए कदम उठाए गए हैं। प्रथम चरण में करीब 3.72 करोड़ रुपये की लागत से शिमला के लिए 19 और नूरपुर पुलिस जिले के लिए छह पेट्रोलिंग मोटरसाइकिलें उपलब्ध करवाई गई हैं। शिमला जिले में पुलिस के लिए 30 हैंडहेल्ड स्पीडगन, 10 बॉडी वॉर्म कैमरे, 18 एल्कोसेंसर, 30 वाहन संचालित गति संकेतों की स्थापना, 80 विस्तार योग्य अवरोध, 225 रिफ्लेक्टिव जैकेट, 115 रिचार्जेबल बैटन, 200 ट्रैफिक कोन, 70 इंटरलॉकिंग प्लास्टिक बैरिकेड और 30 सर्च लाइटें उपलब्ध करवाई गई हैं। सरकार यातायात प्रवर्तन, निगरानी, बचाव और सड़क दुर्घटनाओं के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया में पुलिस की क्षमता में सुधार के लिए 27 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न प्रकार के उपकरणों की खरीद की जा रही है। राजमार्ग पेट्रोलिंग के लिए शिमला, कांगड़ा और मंडी के लिए 42 चौपहिया वाहन और कांगड़ा और मंडी के लिए 27 दोपहिया वाहन, क्षेत्र प्रवर्तन के लिए 14 इंटरसेप्टर वाहन, बचाव कार्यों के लिए रेकर वाहन और हैंडहेल्ड स्पीड गन, बचाव कार्यों के लिए हाइड्रोलिक उपकरण, आपातकालीन बैग, वाहन संचालित गति संकेत सहित विभिन्न उपकरण खरीदे जा रहे हैं। पुलिस के लिए गश्त निगरानी बचाव और आपातकालीन प्रतिक्रिया उपकरण खरीदने के लिए 90 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। शिमला में एकीकृत सड़क सुरक्षा प्रवर्तन प्रणाली स्थापित करने के लिए करीब 61.57 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। यह प्रणाली शिमला, कांगड़ा, मंडी जिलों में विभिन्न सड़कों पर 214 चिह्नित स्थानों पर एआई सुविधा से लैस 532 कैमरों से जुड़ी होगी। सड़क इंजीनियरिंग में सुधार के लिए लोक निर्माण विभाग के लिए दीर्घकालीन कार्ययोजना, पुलिस के लिए गश्त, सड़क सुरक्षा प्रवर्तन में सुधार के लिए उपकरणों की खरीद सहित पुलिस और लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। कार्यक्रम में जिमखाना क्लब मंडी की ओर से अध्यक्ष विकास कपूर और सचिव अचल कपूर ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दो लाख एक हजार रुपये का चेक सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू को भेंट किया। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी, विधायक हरीश जनारथा, उपाध्यक्ष वन विकास निगम केहर सिंह खाची, पुलिस महानिदेशक डॉ. अतुल वर्मा, एडीजीपी अभिषेक त्रिवेदी, निदेशक सूचना एवं जन संपर्क राजीव कुमार, आयुक्त नगर निगम भूपिंदर अत्री और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।