सोसायटी ने आरोप निराधार बता आदेश को निरस्त करने की मांग की है। प्रार्थी सोसायटी के अनुसार प्रशिक्षण सत्र 2017 -18 में उनके संस्थानों में 221 दाखिले हुए। अचानक सोसायटी चेयरमैन कुलदीप सिंह के खाते में बेरोजगारी भत्ते वाली राशि गलती से आनी शुरू हो गई।
इस वर्ष मार्च में इसकी शिकायत उसने अधिकारियों सहित पुलिस में भी की। अप्रैल में रोजगार कार्यालय के आदेश पर सोसायटी चेयरमैन ने 35000 रुपये वापस भी कर दिए, लेकिन इसे ब्लैक लिस्ट कैटेगरी से नहीं हटाया।
कोर्ट ने आशंका जताते हुए कहा कि हो सकता है कौशल विकास भत्ते का लाभ पात्र बेरोजगार प्रशिक्षुओं को न मिल रहा हो। इसी आशंका पर कोर्ट ने याचिका को जनहित याचिका के तौर पर विस्तार देते हुए भत्ते से जुड़े सभी संस्थानों का ब्यौरा पेश करने के आदेश दिए। मामले पर सुनवाई 8 जनवरी को होगी।