शिमला शहर के चौड़ा मैदान स्थित सर्किट हाउस में दिल्ली से आए मेहमानों को ठहराने संबंधित मामले में हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से एक सप्ताह में जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश लिंगप्पा नारायण स्वामी व न्यायाधीश अनूप चिटकारा की खंडपीठ ने अधिवक्ता वीरेंद्र ठाकुर की ओर से दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान उपरोक्त जवाब तलब किया। याचिका के अनुसार प्रदेश सरकार ने कोविड-19 कोरोना योद्धा ाईजीएमसी व दीनदयाल उपाध्याय शिमला के डॉक्टरों के लिए सर्किट हाउस में ठहरने की व्यवस्था की है। प्रदेश सरकार ने अवैध रूप से बाहर से आए मेहमानों को भी इन गेस्ट हाउस में रहने की इजाजत दे दी है।