हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश के सभी स्कूलों में तत्काल प्रभाव से गैर शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने पर रोक लगा दी है। यह महत्त्वपूर्ण फैसला कोर्ट ने मतियाना स्कूल के खेल मैदान में ठोडा मेले का आयोजन करवाने के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई करने के बाद दिया है।
फैसले की अनुपालना का जिम्मा शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव, उपायुक्त और एसडीएम को सौंपा गया है। हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि उपायुक्त और एसडीएम स्कूल परिसर और खेल मैदानों में किसी भी तरह का गैर शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति न दें।
अदालत ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि छुट्टी के दिन भी स्कूलों में किसी तरह के मेले, धार्मिक या राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होंगे। अदालत ने कहा कि स्कूलों में गैर शैक्षणिक कार्यक्रमों से माहौल खराब होता है। खेल मैदान भी खराब होते हैं, क्योंकि कार्यक्रम खत्म होने के बाद सफाई व्यवस्था का कोई प्रबंध नहीं होता है।
वीआईपी की आवभगत को बाध्य नहीं छात्र
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि वीआईपी लोगों के दौरे के दौरान स्कूल के छात्रों को उनके स्वागत या आवभगत के लिए बाध्य न किया जाए। यदि कोई वीआईपी स्कूल में शैक्षणिक प्रोग्राम में भाग लेने जाता है तो उस स्थिति में भी छात्रों को वीआईपी को रिसीव या ग्रीट करने के काम में न लगाया जाए।
यदि उन्हें इस काम में लगाना जरूरी हो तो उन्हें पंद्रह मिनट से ज्यादा इंतजार न करवाया जाए और प्रोग्राम के बाद उन्हें रिफ्रेशमेंट उपलब्ध करवाया जाना सुनिश्चित किया जाए।
कोर्ट के इस फैसले से मासूम छात्रों को राहत मिलेगी। क्योंकि स्कूलों में अकसर वीआईपी के आने से घंटों पहले बच्चों को धूप में खड़ा किया जाता रहा है।
एमएलए के नोट पर दी थी मेले को मंजूरी
मतियाना स्कूल में ठोडा मेले के लिए स्कूल के प्रिंसिपल ने अनुमति दी थी, जिसे प्रार्थी ने डीसी के समक्ष चुनौती दी। डीसी ने यह अनुमति रद्द कर दी।
इसके बाद स्थानीय एमएलए ने डीसी को नोट देकर आग्रह किया कि मेले का आयोजन स्कूल परिसर में करने की अनुमति दे दी जाए, जिस पर इस मेले की अनुमति डीसी ने दे दी। प्रार्थी ने कोर्ट में दलील दी थी कि डीसी ने अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर यह अनुमति दी है, इसलिए इसे रद्द किया जाए।
खंडपीठ ने कहा कि यह आयोजन 21-22 अक्तूबर को निर्धारित था, लेकिन प्रार्थी ने अदालत में आने के लिए देरी कर दी। इसलिए इसे रद्द करने को लेकर अब कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकते।