प्रदेश हाईकोर्ट ने उपायुक्त कांगड़ा को आदेश दिए हैं कि वह धौलाधार की पहाड़ियों पर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल त्रियुंड में वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटवाएं। कोर्ट ने उपायुक्त को मौके का निरीक्षण कर स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में दायर करने के आदेश भी दिए।
मामले पर सुनवाई 24 जून को होगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी और न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने उपायुक्त कांगड़ा को कहा कि त्रियुंड क्षेत्र में वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के लिए कोई भी सरकारी अधिकारी अथवा कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
प्रार्थी नरेश कुमार के अनुसार त्रियुंड में 25 दुकानें व 6 गेस्ट हाउस अवैध हैं, इनका निर्माण वन भूमि पर किया गया है। बहुत से टेंट भी वन भूमि पर नाजायज कब्जा करके बना रखे हैं। इन गेस्ट हाउस, दुकानों और टेंट वालों द्वारा इस क्षेत्र में गंदगी फैलाई जा रही है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
याचिकाकर्ता ने क्षेत्र से जुड़े कुछ फोटोग्राफ भी याचिका में लगाए हैं जिनका अवलोकन करने पर कोर्ट ने संबंधित विभागों के लापरवाह कर्मियों के क्रियाकलापों पर अफसोस जताया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए।