हिमाचल हाईकोर्ट ने शिमला के जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट से हवाई सेवाएं शुरू न होने पर कड़ा संज्ञान लिया है। कोर्ट ने विमान पत्तन प्राधिकरण की टीम की ओर से उठाई गई कमियों को दूर करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को दो सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है।
मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने पारस धौल्टा की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के बाद ये आदेश जारी किए। याचिका में आरोप लगाया गया कि सितंबर 2012 से जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे से विमानों की आवाजाही बंद है।
इसका कारण एयरपोर्ट को किसी दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने की योजना बताया गया। इससे पर्यटन पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। पर्यटन व्यवसाय के नुकसान की भरपाई के लिए जरूरी है जल्द विमान यातायात की आवाजाही को दुरुस्त करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। अब हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद जुब्बड़हट्टी से हवाई जहाज की उड़ान जल्द संभव हो पाएगी।