हाईकोर्ट ने एचआरटीसी की ओर से की जा रही ट्रांसपोर्ट मल्टीपर्पज एसिस्टेंट (कंडक्टर) भर्ती प्रक्रिया को गैर कानूनी ठहराते हुए निरस्त करने का फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि एचआरटीसी भारतीय संविधान के अनुच्छेद-12 के तहत राज्य की परिभाषा में आता और राज्य को कानून के दायरे में काम करना पड़ता है।
प्रार्थी शशिभूषण की ओर से दायर याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार कंडक्टर के 680 पदों को भरने के लिए लगभग 35 हजार उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि भाई-भतीजावाद के चलते इस परीक्षा का प्रश्न-पत्र पहले ही लीक हो गया था। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जाता है कि परिवहन मंत्री के चुनाव क्षेत्र से लगभग 100 ऐसे उम्मीदवार हैं जिन्होंने पूरे 80 नंबर प्राप्त किए हैं।