जयराम ने कहा कि पर्यटकों के लिए आवागमन की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार प्रथम चरण में मनाली तथा रोहतांग के बीच भी हेली टैक्सी सेवा आरंभ करेगी।
केंद्र सरकार की उड़ान योजना के द्वितीय चरण के तहत प्रदेश के प्रसिद्ध गंतव्यों को हवाई सुविधा से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि शिकारी देवी, धर्मशाला, चंबा इत्यादि के लिए हेली टैक्सी जॉय राइड शुरू करने की संभावनाओं को भी तलाशा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि हेली-टैक्सी सेवा के लिए उड़ान-2 के अंतर्गत प्रदेश के तीन हवाई अड्डों को मंडी, कुल्लू व सोलन के एक-एक हेलीपैड तथा जिला शिमला के तीन हेलीपैडों से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश पर्यटन विभाग की कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया। सांसद वीरेंद्र कश्यप ने कहा कि यह सेवा प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के आम आदमी को हवाई यात्रा की सुविधा का अवसर प्रदान करने के लिए शिमला से उड़ान योजना का शुभारंभ किया था। उन्होंने पर्यटकों को सुविधा के मकसद से इस सेवा के लिए अपना हेलीकाप्टर प्रदान करने के लिए सीएम का आभार व्यक्त किया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन राम सुभग सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि हेली टैक्सी सेवा न केवल प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर सृजित करने में भी सहायक सिद्ध होगी।
उन्होंने कहा कि निर्धारित उड़ान दिनों के दौरान हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम की बस सेवा शिमला स्थित लिफ्ट और जुब्बड़हट्टी के बीच चलाई जाएगी।
नगर निगम शिमला की महापौर कुसुम सदरेट, पवन हंस के मुख्य प्रबंध निदेशक वी.पी. शर्मा, पर्यटन विभाग के निदेशक सुदेश मोक्टा, मुख्यमंत्री के ओएसडी महेंद्र धर्माणी भी अन्य गणमान्यों सहित इस अवसर पर उपस्थित थे।
समारोह के बाद मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने चंडीगढ़ स्थित हवाई अड्डे पर टिकट काउंटर का शुभारंभ किया। उन्होंने चंडीगढ़ से शिमला आने वाले यात्रियों को टिकट सौंप कर चंडीगढ़ से पहाड़ों की रानी शिमला के लिए इस उड़ान से रवाना किया।
इस अवसर पर शिमला से उड़ान भरे पवन हंस हेलीकाप्टर के चंडीगढ़ में उतरते समय भारतीय वायु सेना ने इसे वाटर केनन सैल्यूट दिया। भारतीय वायु सेना द्वारा खास अवसरों पर ही इस प्रकार की रस्म अदा की जाती है।
इस अवसर पर चंडीगढ़ स्थित हवाई अड्डे पर अतिरिक्त मुख्य सचिव बी.के. अग्रवाल सहित हि.प्र. पर्यटन विभाग, पवन हंस तथा भारतीय वायु सेना के अधिकारी उपस्थित थे।