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हिमाचल में भारी बारिश-बर्फबारी की चेतावनी, सात जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी

Tue, 10 Dec 2019 04:29 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल में मौसम अगले एक सप्ताह तक खराब रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने 10 से 16 दिसंबर तक राज्य में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया है। मंगलवार को भी शिमला समेत प्रदेश के अधिकतर भागों में मौसम खराब बना रहा। इससे ठंड बढ़ गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने राज्य के मध्यम और उच्च पर्वतीय भागों में दो दिन भारी बारिश-बर्फबारी की चेतावनी जारी की है।

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विभाग ने 12 और 13 दिसंबर को सात जिलों के लिए बारिश और बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी किया है। ये अलर्ट कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के लिए जारी किया गया है। वहीं, प्रशासन ने सैलानियों और आम लोगों को संवेदनशील जगहों पर न जाने की हिदायत दी है। केलांग का न्यूनतम तापमान -6.3, कल्पा -0.1, सुंदरनगर 1.2, भुंतर 1.3, शिमला 5.9 और धर्मशाला 7.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।

बर्फीले तूफान ने रोका वाहनों का रास्ता

- फोटो : अमर उजाला
बर्फीले तूफान ने रोहतांग दर्रा होकर गुजरने वाले वाहनों का रास्ता रोक दिया है। बर्फ के बीच मंगलवार को करीब 32 किलोमीटर पैदल सफर कर 11 लोग मनाली पहुंचे। लाहौल की तरफ से सुबह दो वाहनों में सवार होकर 11 लोग मनाली की तरफ निकले। लेकिन बर्फीले तूफान और गुलाबा बैरियर से वाहनों को रोहतांग की तरफ नहीं छोड़ने से इन लोगों को मजबूरन पैदल सफर करना पड़ा।

 खराब मौसम के चलते मंगलवार को भी रोहतांग दर्रा से वाहनों की आवाजाही नहीं हो पाई है। इसके चलते यात्री उरज्ञान, हरीश, दोरजे ने कहा कि उन्होंने बर्फीले तूफान के बावजूद रोहतांग दर्रा पैदल पार कर लिया। कड़ाके की ठंड के बीच 11 लोगों ने 32 किमी दूर कोठी तक पैदल सफर किया। इस दौरान ठंड, थकावट और भूख के कारण कुछ यात्रियों की हालत भी खराब हो गई।  
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पंचायत प्रधान संघ के अध्यक्ष सत्यप्रकाश ने कहा कि हेलीकॉप्टर की सुविधा नहीं होने और रोहतांग टनल बंद होने से घाटी से बाहर निकलने का एकमात्र विकल्प रोहतांग दर्रा है। जब वाहन राहनीनाला तक जा सकते हैं तो ऐसे में पैदल यात्रियों को लिफ्ट करने के लिए गुलाबा बैरियर से वाहनों को छोड़ने की अनुमति देनी चाहिए। यात्रियों में महिलाएं भी शामिल होती हैं। माइनस तापमान में रोहतांग दर्रा जैसे क्षेत्र में इतने किमी पैदल चलना जोखिम भरा हो सकता है।

गौर रहे कि बर्फीला तूफान बीआरओ के लिए चुनौती बना हुआ है। सड़क से बर्फ हटाने के बाद रोहतांग में बर्फीले तूफान से लगातार बर्फ से ढेर लग रहे हैं। बर्फीला तूफान नहीं थमने से रोहतांग में वाहनों की आवाजाही मुश्किल होती दिख रही है। उधर, कोकसर में तैनात रेस्क्यू दल के प्रभारी पवन कुमार ने कहा कि लाहौल से दो वाहनों में 11 लोग मनाली रवाना हुए। लेकिन बाद में वे पैदल ही मनाली पहुंच गए हैं। 
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