भारी बारिश से प्रदेश के विभिन्न जिलों में काफी नुकसान हुआ है। इससे सबसे अधिक कुल्लू, सिरमौर, सोलन, शिमला व मंडी जिला प्रभावित है।
प्रदेश भर में सड़कों पर मलबा गिरने सेकरीब तीन दर्जन सड़क बंद है। इसमें से सोलन जिला में करीब 15, सिरमौर में आधा दर्जन व कुल्लू जिला में आधा दर्जन रूट बंद है।
कई रूटों पर बसें भी नहीं चली व कई स्थानों पर बसें भेजी गई थी, लेकिन रास्ते में फंस गई। सोलन जिला के सनवारा व धर्मपुर स्टेशन के बीच सुबह पांच-छह बजे गिरे मलबे के कारण शिमला कालका-शिमला रेलवे ट्रैक करीब छह घंटे तक बाधित रहा।
इस कारण शिमला जाने वाली दो गाड़ियों को रद्द करना पड़ा। यही नहीं कालका स्टेशन से शिमला के लिए निकल चुकी दो गाड़ियों को छह घंटे तक जाबली व सनवारा स्टेशन के बीच में रोकना पड़ा।
प्रदेश भर में भारी नुकसान
11.15 बजे रेल विभाग व स्थानीय लोगों की मदद से मलबा व पेड़ हटाने के बाद ट्रेनों को शिमला के लिए रवाना किया गया। इसके अलावा कुनिहार क्षेत्र के कई गांव में 26 घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही।
सिरमौर जिला में मारकंडा नदी को पार करते हुए एक सरकारी कर्मचारी का पांव फिसल गया जिससे वह पानी के तेज बहाव में बह गया। इससे उस व्यक्ति की मौत हो गई। इसके अलावा बालीकोटी पंचायत के धिरोग गांव में एक व्यक्ति का दो मंजिला मकान ढह गया।
इसके नीचे पशुशाला में बंधी तीन गाय एवं बछड़ी दब गई। इसी गांव के दूसरे व्यक्ति का गैर रिहायशी दो मंजिला मकान भी बारिश से ढह गया।
कुल्लू घाटी में पिछले पांच-छह दिनों से हो रही बारिश से हुए भूस्खलन से जिला में पीज, कोठी, मलाणा और जौरी सड़क मार्ग बंद हो गए हैं। जबकि मकरवे, शिकरवे, मनाली पीक, लद्दाखी पीक, सेवन सीस्टर पीक, पतालसू पीक आदि चोटियों पर ताजा हल्का हिमपात हुआ है।