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हृदय दिवस विशेष: आईजीएमसी में वर्ष 2005 में शुरू हुई थी हार्ट सर्जरी, अब तक हो चुके 1800 ऑपरेशन

Tue, 29 Sep 2020 07:56 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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आईजीएमसी - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल में स्वास्थ्य के सबसे बड़े संस्थान इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज (आईजीएमसी) में वर्ष 2005 में हार्ट सर्जरी की शुरुआत हुई थी। एम्स के डाक्टरों की तीन सदस्यीय टीम ने आईजीएमसी ने हार्ट का पहला सफल आपरेशन किया था। इसके बाद प्रदेश में दिल के रोगों की चिकित्सा और उनके उपचार समेत सर्जरी की सुविधाओं में लगातार विस्तार होता चला गया। प्रदेश में दिल के रोगी चंडीगढ़ पीजीआई समेत बाहरी राज्यों की दौड़ लगाने की बजाय अब हिमाचल में ही इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। प्रदेश में हार्ट के 1800 आपरेशन हो चुके हैं। वर्ष 2005 में पहले आपरेशन से लेकर अब तक दिल के आपरेशनों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। आईजीएमसी के प्रिंसिपल डॉ रजनीश पठानिया की अगुवाई में हार्ट के आपरेशन सफलता पूर्वक हो रहे हैं।

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डॉ. पाठानिया अब तक 1324 सफल ऑपरेशन चुके हैं। डॉ. पठानिया के अलावा हिमाचल में 3 और डॉक्टर भी हार्ट के ऑपरेशन कर रहे हैं। मौजूदा समय की बात करें तो कोरोना संकट के चलते प्रदेश में हार्ट के ऑपरेशन कम हुए है। फिलहाल, गंभीर रूप से घायल मरीजों की ही हार्ट सर्जरी की जा रही है। महीने में 3 से 4 हार्ट मरीजों के ऑपरेशन किए जा रहे है। मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल रजनीश पठानिया ने बताया कि पहले लोगों को हार्ट के ऑपरेशन कराने के लिए पीजीआई या एम्स जाना पड़ता था। लेकिन, अब यह सेवाएं हिमाचल में उपलब्ध है। हिमाचल में गरीब आईआरडीपी मरीजों की हार्ट सर्जरी निशुल्क की जाती है। जरूरतमंद रोगियों को सर्जरी के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से भी आर्थिक मदद मुहैया हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हार्ट सर्जरी की सुविधा दिल के रोगियों के लिए लाभदायक साबित हुई है।

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