सर्दी की दस्तक के साथ ही आईजीएमसी में स्किन ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। रोजाना छह से सात मरीज स्किन ड्राइनेस की समस्या को लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर (स्किन) डॉक्टर जीआर टेगटा ने बताया कि ठंड बढ़ते ही ड्राइनेस जैसी समस्या लोगों को हो रही है। लोगों के हाथ में नीलापन की समस्या देखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि खुश्क ठंड में यह समस्या और भी विकराल हो जाती है। इससे शरीर में कई प्रकार की बीमारियां पैदा होती हैं। सर्दियों में ज्यादा धूप सेंकने पर भी कई प्रकार की बीमारियां होती हैं। ज्यादा धूप सेंकने पर आंखों के सामने काली छाइयां और मुंह में रेशेस के अलावा पॉलीमर फिसलाइट इंफेक्शन जैसी समस्या होती है।