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खनेरी जन-औषधि केंद्र : प्राथमिक उपचार के लिए पट्टी, सिरिंज नहीं

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रामपुर बुशहर। खनेरी अस्पताल में खोले गए जन-औषधि केंद्र ने सरकार दावों की पोल खोल दी है। पांच जिलों के मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं। केंद्र में मरीजों को नाममात्र दवाइयां मिल रही हैं। यहां दवाइयां न मिलने से मरीजों को महंगे दामों पर निजी दुकानों से दवा खरीद करनी पड़ रही है। जन औषधि केंद्र में प्राथमिक उपचार के लिए सिरिंज, पट्टी तक नहीं है। केंद्र में दवाओं के करीब 200 सॉल्ट मौजूद हैं, जबकि बाजार में दवाओं के 500 से अधिक सॉल्ट हैं। जन-औषधि केंद्र पहुंचने वाले मरीजों को यहां दवाइयां न मिलने से निराश होना पड़ रहा है।
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प्रदेश के प्रमुख अस्पताल आईजीएमसी, रिपन और ठियोग स्थित जन औषधी केंद्रों में ब्रांडेड दवाएं दवाएं उचित दामों पर मिल रही हैं। इन केंद्रों में स्वास्थ्य कार्ड धारी मरीजों को भी दवाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। लेकिन खनेरी अस्पताल में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खनेरी किन्नौर, शिमला, कुल्लू, मंडी और लाहौल-स्पीति जिले से लोग इलाज के लिए आते हैं। अनिल, धर्म सेन, तिलक राज, ललित कुमार, श्याम लाल, राम सिंह, कृष्ण मोहन, यशपाल ठाकुर, राजीव, महेंद्र ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से आईजीएमसी और ठियोग की तर्ज पर खनेरी अस्पताल में जेनेरिक दवाओं के साथ-साथ स्वास्थ्य कार्ड चलाने और अन्य दवाओं की व्यवस्था करने की मांग की है।
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जन-औषधि केंद्र खनेरी के वरिष्ठ फार्मासिस्ट डीपी शर्मा के अनुसार जन औषधि केंद्र में वर्तमान समय में 200 के करीब सॉल्ट वाली दवाएं ही उपलब्ध हैं। केंद्र में अन्य दवाएं और स्वास्थ्य कार्ड के बारे खनेरी अस्पताल के अधीक्षक और एसडीएम रामपुर को सूचित किया गया है। यदि उन्हें मंजूरी मिलती है तो यहां अन्य दवाएं भी मरीजों को मुहैया करवाई जा सकेंगी।
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खनेरी अस्पताल के एमएस नरेंद्र मेहता ने बताया कि खनेरी अस्पताल में प्रधानमंत्री जन-औषधि योजना में केंद्र स्थापित किया गया है, जहां केवल जेनेरिक दवाएं ही उपलब्ध करवाने के दिशा-निर्देश हैं। यदि आईजीएमसी और ठियोग स्थित केंद्र में ब्रांडेड दवाएं मिल रही हैं तो यह सरकार की गाइडलाइन के विपरीत है।
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