प्रतिनियुक्ति रद्द करने के आदेशों के बाद स्टाफ को आई ज्यादा दिक्कत
30 नर्सिंग, पैरा मेडिकल और अन्य स्टाफ को नहीं दिया गया वेतन
कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, सीटीवीएस में कार्यरत है स्टाफ
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) से अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी (एआईएमएसएस) शिफ्ट किए स्टाफ की सितंबर की सैलरी रोक दी गई है। बताया जा रहा है कि बीते दिनों प्रतिनियुक्ति रद्द करने के आदेशों के बाद शिफ्ट किए स्टाफ को ज्यादा दिक्कतें आई हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में मरीजों को बेहतर सेवाएं देने के लिए उन्हें आईजीएमसी से शिफ्ट किया है। उनके अक्तूबर-2025 में जारी आदेशों में भी शिफ्ट शब्द का प्रयोग किया है। फिर भी कर्मचारियों को वेतन से वंचित रखा जा रहा है। ऐसे में सरकार ने 30 स्टाफ कर्मियों की 10 अक्तूबर तक सैलरी जारी नहीं की है। इनमें नर्सिंग, पैरा मेडिकल और अन्य स्टाफ शामिल है। यह कर्मचारी कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, सीटीवीएस समेत अन्य विभागों में तैनात है और दिन-रात कार्य कर रहे हैं।
स्टाफ कर्मचारियों ने बताया कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में कार्य करने के बाद भी उन्हें वेतन नहीं दिया गया है। वर्ष अक्तूबर-2025 में आईजीएमसी से सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। अब नए आदेशों के जारी होने के बाद परेशानियां बढ़ गई हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें वापस आईजीएमसी भेज दिया जाए।
उधर, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ब्रिज शर्मा ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद सरकार को अवगत करवाया गया है।
इनसेट
स्टाफ आईजीएमसी भेजा तो पेश आएंगी दिक्कतें
सुपर स्पेशलिटी अस्पातल चमियाना से अगर 30 कर्मचारियों को वापस आईजीएमसी भेजा जाता है तो अस्पताल में दिक्कतें पेश आएंगी। अस्पताल में स्टाफ की कमी हो जाएगी। इससे मरीजों को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पाएंगी। नर्सिंग समेत अन्य स्टाफ को महत्वपूर्ण विभागों में तैनाती दी गई है। यहां पर रोजाना ऑपरेशन भी होते हैं जिनमें नर्सिंग, पैरा मेडिकल समेत अन्य स्टाफ की जरूरत रहती है।