इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में शनिवार को राष्ट्रीय रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजिस्ट के 18वें वार्षिक सम्मेलन का आयोजन किया। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने इसमें बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कैंसर रोगियों के इलाज के लिए क्षेत्रीय कैंसर केंद्र शिमला में आधुनिक सुविधा प्रदान करने पर 45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस रोग के बचाव के लिए जीवनशैली में सुधार लाना होगा। इस मौके पर डीएमई जयश्री शर्मा, कालेज प्रधानाचार्य एसएस कौशल और रेडियो थेरेपी विभाग के सभी सदस्य मौजूद रहे। सम्मेलन में देशभर के 250 से अधिक तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया। उन्होंने इस अवसर पर स्मारिका का विमोचन भी किया।
पहले दिन रेडियो थेरेपी एवं ओनकोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीक की मशीनों के बारे में चर्चा की। लोगों को इन मशीनों द्वारा मरीज को होने वाले फायदों के बारे में बताया। इस अवसर पर नई तकनीक की मशीनों की प्रदर्शनी कर लोगों को कैंसर का पता लगाने और इलाज के दौरान इससे होने वाले फायदों से अवगत कराया गया।
मशीन बताएगी कहां हैं कैंसर
कान्फ्रेंस में बताया गया कि पेट, सिर, फेफड़ों तथा महिलाओं में स्तन कैंसर का इन मशीनों से पता लगाया जा सकता है। मशीनों को हर प्रकार के कैंसर के इलाज के लिए डिजाइन किया है।