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HCTA: बिना पूरी तैयारी एनईपी को लागू करना छात्र हित में नहीं, कॉलेजों में प्राध्यापकों के 600 पद खाली

Sat, 06 Apr 2024 06:59 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी

सार

 एचसीटीए ने इस सत्र 2024-25 से हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में लागू होने वाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
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एचसीटीए की राज्य अध्यक्ष डाॅ. वनीता सकलानी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश कॉलेज टीचर एसोसिएशन (एचसीटीए) ने इस सत्र 2024-25 से हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में लागू होने वाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। एचसीटीए का कहना है कि अधूरी तैयारी के साथ इसे प्रदेश में लागू करना छात्र हित और समाजहित के लिए सही नहीं है। शनिवार को वल्लभ डिग्री कॉलेज मंडी के सभागार में प्रेसवार्ता को संबोधित करते एचसीटीए की राज्य अध्यक्ष डाॅ. वनीता सकलानी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नई शिक्षा नीति को लेकर न शिक्षण संस्थानों में मूलभूत सरंचना में परिवर्तन किया और न ही महाविद्यालय के शिक्षकों विश्वास में लिया है। ऐसे में प्राध्यापकों के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, पाठ्यक्रम, पाठ्य पुस्तकों व आधारभूत ढांचे के बिना नई शिक्षा नीति को लागू करने का परिणाम वैसा ही होगा जैसा कि पूर्व में लागू की गई रूसा नीति का हुआ है। एनईपी को लागू करने से पहले कॉलेज कैंपस को अपग्रेड करना, आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना और शिक्षकों की भर्ती करना बेहद जरूरी है।
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प्रदेश के कॉलेजाें में करीब 600 पद प्राध्यापकों के और 40 पद प्रिंसिपल के खाली हैं। कई कॉलजों में आवश्यक भवन और अन्य मूलभूत आधुनिक सुविधाओं की कमी है। उन्होंने बताया कि संगठन इसके विरोध में नहीं है, लेकिन इसे लागू करने से पहले कॉलजों में शिक्षकों, गैर शिक्षक कर्मचारियाें, भवन विस्तार और अन्य मूलभूत सुविधाएं दिया जाना बेहद जरूरी है। सरकार सिर्फ आनन-फानन में केंद्र सरकार से 200 करोड़ रुपये का फंड प्राप्त करने की इच्छा से इसे जबरन लागू करवा रही है। जबकि एनईपी को लेकर प्रदेश विश्वविद्यालयों की ओर से अब तक न तो पाठ्यक्रम और न संबंधित पाठ्य पुस्तकों को उपलब्ध करवाया है। इसे लेकर न ही प्राध्यापकों को विधिवत प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इस मौके पर एचजीसीटीए एकाई अध्यक्ष डॉ. सीमा, मीडिया प्रभारी डॉ. होशियार सिंह, पूर्व एचजीसीटीए प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश ठाकुर, डॉ. चमन प्रेमी व अन्य मौजूद रहे।

खत्म होंगे स्ट्रीम, आर्ट्स का विद्यार्थी साइंस का विषय पढ़ सकेगा
एचसीटीए ने बताया कि नई शिक्षा नीति के लागू होने से कॉलेजों में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम खत्म हो जाएंगे। आर्ट्स का विद्यार्थी सांइस का विषय भी पढ़ सकेगा। चार साल में ग्रेजुएट होगा। लेकिन प्रदेश के कई ऐसे कॉलेज हैं जहां आर्ट्स और साइंस में भी पढ़ाई हो रही है। ऐसे में वहां इसका विपरीत असर पड़ेगा।
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