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उत्तराखंड में घुसने से रोका ज्ञान गोदड़ी जत्था, एक घंटे तक ट्रैफिक जाम

Mon, 14 Nov 2016 10:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पांवटा साहिब (सिरमौर)
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विवादित स्थल हर की पौड़ी हरिद्वार स्थित ज्ञान गोदड़ी पहुंचने से पहले अमृतसर के ज्ञान गोदड़ी जत्थे को उत्तराखंड पुलिस ने रोक लिया। जत्थे की अगुवाई आल इंडिया सिख कांफ्रेंस के अध्यक्ष गुरशरण सिंह बब्बर कर रहे थे। पुलिस टीम ने जत्थे के करीब दर्जन सदस्यों को गिरफ्तार भी किया है। रविवार देर रात को अमृतसर से यात्रियों का जत्था पांवटा पहुंचा था। 
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यहां से पड़ोसी राज्य के लिए सोमवार को जत्था रवाना हुआ। करीब साढ़े 12 बजे जत्थे ने उत्तराखंड में प्रवेश का प्रयास किया। पुलिस सीमा पर मुस्तैद थी। जत्थे का नेतृत्व कर रहे आल इंडिया सिख कांफ्रेंस बब्बर के अध्यक्ष गुरशरण सिंह बब्बर समेत सदस्य पड़ोसी राज्य के हरकी पौड़ी जाने की बात पर अड़े थे। उत्तराखंड प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने जत्थे के प्रतिनिधियों से बात कर लौटने को कहा। करीब एक घंटे तक एनएच पर ट्रैफिक प्रभावित रहा।

पुलिस अधिकारी एसपी देहात श्वेता चौबे, सीओ विकासनगर चंद्रमोहन, एसडीएम विकासनगर जितेंद्र कुमार और कुल्हाल बैरियर पोस्ट प्रभारी समेत प्रशासनिक टीम विकासनगर से कुल्हाल पहुंची। जत्थे को रोक कर सहसपुर थाने ले जाया गया। उधर, उत्तराखंड के एसपी देहात श्वेता चौबे ने बताया कि ज्ञान गोदड़ी यात्री जत्थे को हरिद्वार जाने से पहले ही जत्था रोक लिया। जत्थे के सदस्यों को पुलिस आगामी कार्रवाई के लिए सहसपुर थाने ले जा रही है।
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ये बताया जाता है विवाद

जत्थे के सदस्य ऐसा कहते हैं कि उत्तराखंड के हर की पौड़ी में लंढौरा हाउस (भवन) था। वर्ष 1974 के कुंभ से पूर्व घाट की विस्तारीकरण योजना में यह भवन और अन्य इमारतें गिरा दीं। इस स्थल पर संजय पुल का निर्माण कर दिया गया। अब पुल के नीचे स्काउट एंड गाइड कार्यालय चल रहा है। जत्थे के सदस्य इसको ज्ञान गोदड़ी का स्थल बताते रहे हैं। कभी गुरु नानक देव इस स्थल पर आए थे। पिछले कई वर्षों से विवाद निरंतर चल रहा है।

हर वर्ष, ज्ञान गोदड़ी यात्रा जत्था हिमाचल के रास्ते इस स्थल पहुंचने का प्रयास करता है, लेकिन उत्तराखंड सरकार, प्रशासन और पुलिस बार्डर पर अलर्ट रहती है। राज्य में शांति व्यवस्था बिगडने की आशंका के चलते जत्थे के सदस्यों को गिरफ्तारी के बाद छोड़ दिया जाता है। वर्ष 19 नवंबर 2013 में तो  जबरन प्रवेश करने पर जत्थे के 298 श्रद्धालुओं को गिरफ्तार कर लिया था।
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