मां चिंतपूर्णी मंदिर में सोमवार से गुप्त नवरात्र शुरू हो गए हैं। आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तिथि तक नौ नवरात्र होते हैं। गुप्त नवतत्र के दौरान माता रानी का गुप्त पाठ किया जाता है। इस दौरान किया गया पूजा पाठ , मंत्र जाप, तंत्र व यंत्र आदि विशेष फलदायी माना जाता है। इस दौरान की गई मंत्र साधना विशेष फलदायी होती है। आचार्य डॉ. राम कुमार कॉल ने बताया कि 22 जून से शुरू हुए गुप्त नवरात्र 29 जून तक चलेंगे ।
चिंतपूर्णी मंदिर में इस दौरान उनके द्वारा श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ भी किया जा रहा है। आजकल लोक डाउन के चलते मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं। मंदिर में माता चिंतपूर्णी जी की पूजा अर्चना मंदिर के पुजारियों द्वारा की जा रही है। सुबह पांच बजे माता को स्नान, श्रृंगार, भोग, आरती व कन्या पूजन किया गया। दोपहर 12 बजे भोग लगाया गया व सायं सात बजे फिर मंदिर में माता की पावन पिंडी को स्नान, श्रृंगार , भोग आरती व कंजक पूजन किया गया ।