फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूजा के साथ शुरू हुई श्री नयना देवी जी में गुप्त नवरात्री, चिंतपूर्णी में श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ

Mon, 22 Jun 2020 09:55 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, श्री नयना देवी जी(बिलासपुर)/कांगड़ा/चिंतपूर्णी (ऊना)
विज्ञापन
श्री नयना देवी मंदिर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी में आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष में पड़ने वाले गुप्त नवरात्रि का पर्व सोमवार से वैदिक विधि से पूजा-अर्चना के बीच शुरू हो गया लेकिन, अभी कोरोना महामारी के चलते मां नयना के मुख्यद्वार बंद ही हैं। इसके साथ ही माता के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को भी मनाही है। मंदिर न्यास के अधिकारी हुस्न चंद चौधरी ने बताया कि गुप्त नवरात्रों में जहां पर भारी संख्या में श्रद्धालु माता नयना के दर्शनों के लिए पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, बिहार और अन्य प्रदेशों से श्री नयना देवी जी के पवित्र स्थल पहुंचते थे। वहीं मंदिर में श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहता था।

विज्ञापन


लेकिन कोरोना महामारी के चलते यहां पर श्रद्धालु नजर नहीं आ रहे हैं और बाजारों में पूरी तरह सन्नाटा पसरा है। शहर की दुकानें भी बंद है। क्योंकि यहां का ज्यादातर  कारोबार श्रद्धालुओं के और पर्यटकों निर्भर करता है। दुकानदार राजू, प्रदीप, विजय, शम्मी, शीशपाल का कहना है कि इस महामारी ने दुकानदारों का बहुत बड़ा नुकसान किया है। जिसकी भरपाई आने वाले कई वर्षों में नहीं हो पाएगी। मां के गुप्त नवरात्रि चल रहे हैं लेकिन बाजार बंद है। इससे बुरे हालात और क्या  हो सकते हैं। हालांकि इससे पहले चैत्र नवरात्रि के दौरान बाजार बंद रहे थे। वहीं अब गुप्त नवरात्रि में भी इस महामारी के कारण  दुकानदारों को काफ ी नुकसान झेलना पड़ा है। 



बज्रेश्वरी मंदिर में रोज की तरह हुई पूजा
शक्तिपीठ बज्रेश्वरी देवी मंदिर में रोज की तरह पूजा-अर्चना हुई। कोरोना संकट की वजह से शक्तिपीठ बज्रेश्वरी मंदिर के कपाट बंद हैं। ऐसे में यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही पूरी तरह बंद है। पूजा पाठ के लिए सिर्फ पुजारी वर्ग ही अंदर जा सकते हैं। पुजारी अनुपम शर्मा ने बताया कि गुप्त नवरात्र में पुजारी वर्ग ने पूजा-अर्चना की।
विज्ञापन

 

Trending Videos
विज्ञापन

चिंतपूर्णी मंदिर में हो रहा श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ

चिंतपूर्णी मंदिर - फोटो : अमर उजाला
मां चिंतपूर्णी मंदिर में सोमवार से गुप्त नवरात्र शुरू हो गए हैं। आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तिथि तक नौ नवरात्र होते हैं। गुप्त नवतत्र के दौरान माता रानी का गुप्त पाठ किया जाता है। इस दौरान किया गया पूजा पाठ , मंत्र जाप, तंत्र व यंत्र आदि विशेष फलदायी माना जाता है। इस दौरान की गई मंत्र साधना विशेष फलदायी होती है। आचार्य डॉ. राम कुमार कॉल ने बताया कि 22 जून से शुरू हुए गुप्त नवरात्र 29 जून तक चलेंगे ।

चिंतपूर्णी मंदिर में इस दौरान उनके द्वारा श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ भी किया जा रहा है। आजकल लोक डाउन के चलते मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं। मंदिर में माता चिंतपूर्णी जी की पूजा अर्चना मंदिर के पुजारियों द्वारा की जा रही है। सुबह पांच बजे माता को स्नान, श्रृंगार, भोग, आरती व कन्या पूजन किया गया। दोपहर 12 बजे भोग लगाया गया व सायं सात बजे फिर मंदिर में माता की पावन पिंडी को स्नान, श्रृंगार , भोग आरती व कंजक पूजन  किया गया ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें