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गुड़िया केस: लॉकअप हत्याकांड के बाद साजिश रचने और सबूत मिटाने में फंसे आईजी जैदी

Sat, 02 Sep 2017 11:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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सीबीआई की अब तक की जांच की मानें तो आईजी व एसआईटी चीफ जहूर हैदर जैदी ने सूरज की हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की थी? सीबीआई ने उन पर  धारा 201 के अलावा साजिश रचने की धारा 120 बी भी लगाई है।
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सीबीआई सूत्रों का कहना है सूरज हत्याकांड को पुलिस कर्मियों ने ही अंजाम दिया और इस मामले की जांच को बनाई गई एसआईटी के प्रमुख जैदी ने न केवल असलियत को छिपाने में अहम भूमिका निभाई बल्कि हत्या का इलजाम दूसरे आरोपी पर थोप दिया।

सीबीआई ने सूरज हत्याकांड मामले में गिरफ्तार सात अन्य के खिलाफ सीधी हत्या का आरोप लगाया है। सीबीआई की अब तक की जांच में जो बात सामने आई है उसमें डीएसपी ठियोग के अलावा छह अन्य पुलिस कर्मी हत्या के मामले में शामिल हैं। 
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सूत्र बताते हैं कि पुलिस कर्मियों और आरोपियों से कई घंटे की पूछताछ के बाद सीबीआई इस नतीजे पर पहुंची कि लॉकअप हत्याकाण्ड पुलिस वाले ही शामिल थे। इनका इरादा गुडिया रेप व हत्याकाण्ड की जांच की दिशा भटकाना था। सीबीआई ने फोन कॉल की डिटेल भी हासिल कर ली है। उसे कंप्यूटर रिकार्ड व सरकारी दस्तावेजों में भी छेड़छाड़ के सबूत मिले हैं। 

क्या है धारा 201 - अपराध के सबूत मिटाना या अपराधी को बचाने के लिए गलत इत्तला देना। यह जानते हुए भी कि अपराध हुआ है।

क्या है धारा 120 बी- हत्या, आजीवन कारावास या दो साल या उससे अधिक अवधि के कठिन कारावास से दंडनीय अपराध करने के आपराधिक साजिश में शरीक होने पर यह धारा लगती है। 

क्या है धारा 302
यह हत्या की धारा है। किसी व्यक्ति को जान से मार देने पर उसे 302 का मुजरिम माना जाता है।  
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आरोपी दीपक को सरकारी गवाह बनाएगी सीबीआई

गुड़िया के साथ दुराचार और हत्या मामले में गिरफ्तार दीपक उर्फ दीपू को सीबीआई सरकारी गवाह बनाने जा रही है। सीबीआई ने उसे अन्य आरोपियों से अलग रखा है। मामले में अब तक सबसे ज्यादा पूछताछ दीपक से ही की गई है।

यह आरोपी नपुंसक बताया जा रहा है। वह मामले में अत्याचार और गुनाह कबूल करवाने की पुलिस की कहानी भी सीबीआई को बता चुका है। दीपक बागवान के बगीचे में पुलिस कस्टडी में मारे गए सूरज के साथ काम करता था।

सीबीआई सूरज की हत्या के साथ गुड़िया से दुराचार और हत्या मामले को भी सुलझाने में लगी है। सीबीआई की दो टीमें बनी हैं। एक टीम सूरज हत्या मामले की जांच कर रही है तो दूसरी टीम गुड़िया मामले में आरोपियों से पूछताछ और मौके का निरीक्षण कर लोगों से बातचीत कर रही है। सूत्र बताते हैं कि सीबीआई टीम ने हलाइला, कोटखाई और आसपास के करीब 500 लोगों से पूछताछ की है।  

जांच को दो जगह भेजे गए डीएनए सैंपल
आरोपियों के डीएनए सैंपल मैच नहीं होने से पुलिस की कहानी पर सवाल उठ रहे हैं। फोरेंसिक टीम ने आरोपियों के डीएनए सैंपल की जांच जुन्गा लैब में करवाई थी, जबकि सीबीआई ने जांच के लिए ये सैंपल दिल्ली भेजे थे। बताया जा रहा है कि ये सैंपल मैच नहीं हो रहे हैं। ऐसे में पुलिस की पूरी कार्यप्रणाली पर ही सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस भी आरोपी दीपक के सहारे बढ़ रही थी आगे
सरकार की ओर से मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी भी आरोपी दीपक के सहारे ही जांच को आगे बढ़ा रही थी। इसके बयान के बाद ही आरोपियों को एक एक करके घटनास्थल पर ले जाया गया। जहां गुड़िया के साथ दुराचार होने की बात कही जा रही है, उस जगह के पास ही सड़क पर गुड़िया की पिन मिली थी। 
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