हाई प्रोफाइल गुड़िया मर्डर केस में एक आरोपी की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले की सुनवाई सोमवार को जिला अदालत में हुई। इस दौरान आरोपी सूरज के शव का पोस्टमार्टम करने वाले एम्स, दिल्ली के डॉ.अभिषेक शर्मा और आईजीएमसी, शिमला के डॉ. पीयूष कपिला ने अपने बयानों में कहा कि सूरज के शरीर पर जो चोट के निशान थे, वह दो घंटे से दो दिन पुराने थे।
सूरज की मौत 18 जुलाई 2017 को हुई थी और पहला पोस्टमार्टम अगले दिन 19 जुलाई 2017 को हुआ था। उन्होंने कहा सूरज को जो चोटें लगी थीं, वह पुलिस कस्टडी में ही लगी थीं। डॉक्टरों ने अपने बयान में कहा कि यह चोटें एक्सीडेंटल नहीं हो सकतीं। डॉक्टरों का कहना था कि सूरज के पूरे शरीर में पर जख्म थे, जिसके कारण उसकी मौत हुई थी। इस केस का ट्रायल शिमला से चंडीगढ़ की सीबीआई कोर्ट में ट्रांसफर हुआ है। केस में पुलिस अफसरों पर सूरज की पिटाई करने के आरोप हैं।