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8000 रुपये किलो बिक रही ये औषधि, पूर्व पीएम वाजपेयी भी खाते थे इसकी सब्जी

Sat, 16 Dec 2017 01:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में झाड़ियों के बीच या चट्टानों की ओट में प्राकृतिक तरीके से उगने वाले गुच्छी की दुनिया में खूब मांग है। इस मशरूम को फ्रांस, इंग्लैंड, स्विट्जरलैंड, जर्मनी आदि देशों तक भेजा जा रहा है। गुच्छी 4000 से लेकर 8000 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है।
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कुल्लू, शिमला, किन्नौर और मंडी जिलों में गुच्छी की बहुत पैदावार होती है। ये प्राकृतिक तरीके से उगती है। शिमला के ठियोग क्षेत्र के किसान नरेश शर्मा का कहना है कि वे खुद भी आसपास के क्षेत्रों से इसे इकट्ठा करते हैं।

उनके गांव के कई अन्य लोग भी इसे इकट्ठा करते रहे हैं। इसे काफी अच्छे दाम मिलते हैं। वे शिमला के गंज बाजार में इसकी बिक्री करते हैं। शिमला में गुच्छी के खरीदार राजेश कुमार का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति उनके पास गुच्छी लाता है तो उसका भाव 4000 रुपये तक है। 
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पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की भी पसंदीदा रही है गुच्छी

सीजन टाइम की गुच्छी 8000 रुपये प्रति किलो के हिसाब से ली जा रही है। उन्होंने कहा कि गुच्छी को औषधीय गुणों की वजह से खरीदा जाता है। इसकी अमीर लोग सब्जी भी खाते हैं।

डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. विजय सिंह ठाकुर का कहना है कि हिमाचल में प्राकृतिक तरीके से उगने वाली गुच्छी लोगों के रोजगार का एक अच्छा माध्यम है। इसकी खूब मांग रहती आई है। 

गुच्छी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पसंदीदा है। वे जब भी हिमाचल आते तो इसकी सब्जी खाते। कुल्लू के प्रीणी में अटल बिहारी वाजपेयी का अपना घर भी है। हालांकि, अस्वस्थता के कारण अब वे हिमाचल नहीं आ पा रहे हैं। 
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