मुख्यमंत्री में अगर हिम्मत है तो विकास के मुद्दे पर सार्वजनिक बहस करें। बाली ने कहा कि सीएम बताएं - स्मार्ट सिटी के लिए दो साल में धर्मशाला के लिए कितने पैसे दिए। केंद्रीय विवि कहां है। दो साल में कितने बेरोजगारों को रोजगार दिया।
धर्मशाला में दो साल से लोगों के नक्शे पास नहीं हो रहे और सीएम निवेश लाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेधावी बच्चों को लैपटॉप नहीं मिले। वर्दी साल तक नहीं मिली। नशे से मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।
टांडा अस्पताल से वरिष्ठ डॉक्टर बाहर भेजे जा रहे हैं। एचआरटीसी का किराया 30 फीसदी बढ़ा दिया गया। वोल्वो के नाम पर माफिया राज चल रहा है। प्रदेश में मंजूर हुए 56 हाईवे का काम तीन साल में शुरू भी नहीं हुआ। होम स्टे पर जीएसटी लगा दिया गया।
इस मौके पर पूर्व पीसीसी अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू, सांसद विप्लव ठाकुर, पूर्व मंत्री चंद्रेश कुमारी, ठाकुर सिंह भरमौरी, अजय महाजन, राजेश धर्माणी, हंसराज ठाकुर, सादिक खान, आरएस बाली, विजय इंद्र कर्ण आदि मौजूद रहे। हिम्मत है तो विकास के मुद्दे पर सार्वजनिक बहस करें।