प्रदेश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम में जल्द करुणामूलक आधार पर लंबित नौकरियां दी जाएंगी। इसके लिए लंबित आवेदनों पर विचार होगा। यह जानकारी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री जीएस बाली ने इस संबंध में आवेदकों की ओर से बार-बार मामला उठाए जाने के बाद दी।
आवेदकों का कहना है कि वर्ष 1995 से करुणामूलक नौकरी के मामले लंबित पड़े हैं। इस निगम में किसी कर्मचारी की मृत्यु होने के बाद उसके परिवार को केवल 2000 रुपये पेंशन ही मिल रही है। इससे उनका जीवन निर्वहन भी कठिन हो रहा है।
कुछ करुणामूलक आवेदकों ने चार जनवरी 2016 में इन मामलों को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव और वित्त सचिव को भेजा। वित्त विभाग की ओर से इस मामले को इसका अपने स्तर पर समाधान करने को कहा गया है।
करुणामूलक आधार पर नौकरियों के लिए केवल पांच फीसदी कोटा ही निर्धारित किया गया है, लेकिन इस पर गौर नहीं किया जा रहा है। आवेदकों का कहना है कि जब निगम की आर्थिक स्थिति भी अब ठीक है।
ऐसी स्थिति में जिन कर्मचारियों का किसी कारणवश देहांत हो गया था, उनके बच्चों और आश्रितों को सरकार नौकरी देने से गुरेज क्यों कर रही है। इस पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री जीएस बाली बोले - ऐसे मामलों में सरकार संवेदनशील है। ऐसी नौकरियां दिलाने पर गौर कर रही है।