पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली ने आरोप लगाया कि वह ऐसा पहली बार देख रहे हैं कि नगरोटा बगवां में भाजपा प्रत्याशी ने महिलाओं में आतंक का माहौल फैलाया और शराब का इस्तेमाल कर चुनाव लड़ा। उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की जा रही है।
भय का माहौल बनाया जा रहा है। पिछले कल ही उनके एक समर्थक की टांग तोड़ दी गई। बाली कांगड़ा में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मामला पुलिस तक पहुंचा तो एफआईआर की जगह पुलिस समझौते की बात करने लगी।
एक अन्य समर्थक की आंख में चोट आई है। उसका इलाज पीजीआई में चल रहा है। कान में चोट आने से एक समर्थक टांडा में भर्ती है। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने को कहा है। जिन्होंने मारपीट की, उन्हें अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया।
ऐसे में यदि उनके कार्यकर्ताओं पर हमले होते रहे या फिर नगरोटा में तनाव की स्थिति पैदा हुई तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विधायक और प्रशासन की होगी। बाली ने चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि वह पहले से ही कह रहे थे कि चुनाव के दौरान शराब का प्रयोग किया जा रहा है, लेकिन चुनाव आयोग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। वह लोगों के जनादेश का स्वागत करते हैं।
अगला सीएम जो भी बनता है उसकी सबसे पहली जिम्मेवारी यही बनती है कि वे जीत से उत्साहित कार्यकर्ताओं को संयम बरतने की सलाह दें। उनकी मात्र कुछ वोटों से हार हुई है।
जिस हाल में काउंटिग हो रही थी, वहां वाई-फाई रखा गया था। आरोप लगाया कि जहां वाई-फाई था, वहां स्ट्रांग रूम क्यों बनवाया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि आयोग किसी एक बूथ की पोलिंग करवाए तो उसके नतीजे भिन्न होंगे।
आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक बार-बार गायब हो रहे थे। वीवीपैट की काउंटिंग नहीं करवाई। चुनाव प्रक्रिया के लिए आयोग पुख्ता प्रबंध भी नहीं कर पाया।