ग्रीन फीस की वसूली शुरू होने वाली है। वित्त संविदा एवं योजना समिति ने इसकी मंजूरी दे दी है। जी, हां हिल्स क्वीन शिमला में 15 अगस्त से ग्रीन फीस की वसूली शुरू हो सकती है। मोबाइल ऐप के जरिये ग्रीन फीस वसूली के प्रस्ताव को नगर निगम की वित्त संविदा एवं योजना समिति ने मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव पर अब हाउस में चर्चा होगी जिसके बाद इसे स्वीकृति के लिए सरकार को भेज दिया जाएगा।
नगर निगम ने शहर के प्रवेश द्वारों पर बैरियर लगा कर ग्रीन फीस वसूलने के स्थान पर आनलाइन मोबाइल ऐप के जरिये ग्रीन फीस वसूली का फैसला लिया है। शिमला आने वाली मुख्य सड़कों पर बैरियर स्थापित करने में पेश आ रही समस्या के चलते नगर निगम ने यह फैसला लिया है।
नगर निगम ने ग्रीन फीस वसूली के लिए कच्ची घाटी के पास बैरियर स्थापित करने की योजना बनाई थी जो सिरे नहीं चढ़ सकी। नगर निगम मोबाइल ऐप से ग्रीन फीस की वसूली का लेकर पर्यटन विभाग, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग और निजी बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चुका है।
एक निजी बैंक इसे लेकर हाउस को प्रेजेंटेशन भी दे चुका है। ग्रीन फीस जमा करने पर इलेक्ट्रानिक रसीद जारी की जाएगी। रसीदों के निरीक्षण के लिए नगर निगम टास्क फोर्स भी बनाएगा। बिना रसीद के पकड़े जाने वालों पर 5000 रुपये जुर्माना लगाने का भी प्रस्ताव है।
यह होंगी ग्रीन फीस की दरें
टिकेंद्र पंवर, डिप्टी मेयर, नगर निगम
फोर व्हीलर 200 रुपये
बड़े वाहन 300 रुपये
पांच माध्यमों से जमा हो सकेगी ग्रीन फीस
1. मोबाइल ऐप के जरिये
2. परवाणू बैरियर पर
3. शहर की पार्किंग में
4. होटलों की रिसेप्शन पर
5. नगर निगम के कैश काउंटर पर
लोकल लोगों के लिए पास बनाने का झंझट खत्म
नई व्यवस्था लागू होने पर शिमला शहर में रहने वाले उन लोगों को कोई परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी जिनके पास बाहरी नंबर की गाड़ियां हैं। नगर निगम का दावा है कि लोकल लोगों को ग्रीन फीस को लेकर कोई प्रमाण देने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। लोकल लोग न तो होटलों में ठहरेंगे न ही पार्किंगों में गाड़ी खड़ी करेंगे। यदि ऐसी कोई जरूरत पड़ती भी है तो लोग अपना कोई भी पहचान पत्र दिखा सकते हैं।
शहर में जल्द ही ग्रीन फीस को लागू कर दिया जाएगा। सैलानियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन मोबाइल ऐप के जरिये ग्रीन फीस की वसूली होगी। जल्द ही प्रस्ताव मंजूरी के लिए सरकार को भेज दिया जाएगा। -टिकेंद्र पंवर, डिप्टी मेयर, नगर निगम शिमला
मोबाइल ऐप से ग्रीन फीस वसूली का यह होगा फायदा
1. ट्रैफिक जाम से नहीं झेलनी पड़ेगी परेशानी
2. ऐप की मदद से होगी कैश लेस मैनेजमेंट
3. एमआईएस के जरिये वाहन की ट्रेंकिंग संभव
4. एमसी के पास रहेगा टूरिस्टों के मोबाइल नंबर का डाटा
5. ब्लक मेसेज के जरिये एमसी टूरिस्टों से कर सकेगा संवाद