प्रताप चंद शर्मा का प्रिय वाद्य यंत्र इक तारा था। उनके पौत्र रोहित शर्मा ने बताया कि दादा का अंतिम संस्कार बुधवार को कालेश्वर धाम में होगा। प्रताप चंद शर्मा ने लगभग 200 पहाड़ी गीत लिखे।
झुलदे चिलां दे डालु, जीणा कांगड़े दा... हिमाचल का अमर लोक गीत बन गया। वहीं जे तू चला नेफा नौकरी, मेरे गले दे हारे लैंदा जायां और दो नारा आदि कई लोक गीतों की रचना उन्होंने की थी।