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नहीं रहे पहाड़ी गीत ‘जीणा कांगड़े दा’ के रचियता, पैतृक गांव में ली अंतिम सांस

Tue, 27 Nov 2018 04:31 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, परागपुर (कांगड़ा)
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हिमाचली पहाड़ी गीतों के रचियता और गायक प्रताप चंद शर्मा उर्फ प्रतापु का मंगलवार को निधन हो गया। प्रताप चंद शर्मा का जन्म 23 जनवरी 1927 को परागपुर के समीप नलेटी गांव में हुआ था।

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प्रताप चंद शर्मा को संगीत की प्रेरणा अपने पिता और घर से ही विरासत में मिली थी। उन्होंने लगभग 200 पहाड़ी गीत लिखे और उन्हें स्वयं ही इन्हें गाया। 

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ये थे उनके मशहूर गीत

प्रताप चंद शर्मा का प्रिय वाद्य यंत्र इक तारा था। उनके पौत्र रोहित शर्मा ने बताया कि दादा का अंतिम संस्कार बुधवार को कालेश्वर धाम में होगा। प्रताप चंद शर्मा ने लगभग 200 पहाड़ी गीत लिखे।

झुलदे चिलां दे डालु, जीणा कांगड़े दा... हिमाचल का अमर लोक गीत बन गया। वहीं जे तू चला नेफा नौकरी, मेरे गले दे हारे लैंदा जायां और दो नारा आदि कई लोक गीतों की रचना उन्होंने की थी।
 
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