पंचायत की सरकार का हिस्सा बनने को यंग ब्लड भी मैदान में उतर गया है। पढ़ा लिखा युवा अपने तरीके से गांव की संसद चलाने की सोच रहा है। इस बार मैदान में स्नातक से लेकर पीएचडी धारक भी चुनौती पेश कर रहे हैं।
पहली बार चुनाव मैदान में उतरे युवा चेहरे भी जिला परिषद, बीडीसी, पंचायत प्रधान पद पर किस्मत आजमा रहे हैं। सराज क्षेत्र की निहरी सुनाह पंचायत से प्रधान पद 25 वर्षीय संतोष कुमार पहली बार चुनाव मैदान में उतरे हैं।
पखरैर पंचायत में प्रधान पर 26 वर्षीय वीरेंद्र पाल चुनाव जंग में खड़े हैं। पीएचडी धारक डा. प्रोमिला अभिलाषी पहले बार जिला परिषद के चलाह वार्ड से चुनाव मैदान में उतरी हैं। उन्होंने कहा कि चलाह वार्ड को विकास के मामले में सबसे आगे ले जाना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
चलाह जिप वार्ड की सभी पंचायतों की समस्याओं को दूर करके इस वार्ड को मॉडल बनाना उनका उद्देश्य है। बल्ह विकास खंड की सोयरा पंचायत से पीएचडी धारक डा. नर्वदा अभिलाषी प्रधान पद का चुनाव लड़ रही हैं।
जिला परिषद कोट वार्ड से युवा कांग्रेस सरकाघाट के उपाध्यक्ष 26 वर्षीय सचिन वर्मा पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि पंचायत समिति चौरी वार्ड से कांग्रेस मंडी संसदीय क्षेत्र के उपाध्यक्ष 29 वर्षीय अनिल शर्मा (एमए) पहली बार चुनाव दंगल में उतरे हैं। नेरघरवासड़ा जिप वार्ड से युवा सोमेंद्र ठाकुर (स्नातक) पहला चुनाव लड़ रहे हैं। सोमेंद्र विधायक गुलाब सिंह के बेटे हैं।
एमए, एलएलबी मैदान में
मंडी में जोगिंद्रनगर के दलैड़ वार्ड से कुलदीप ठाकुर (कप्पू) एमए, एलएलबी जिला परिषद की दौड़ में हैं। ठाकुर का कहना है कि युवाओं को अब अपनी सोच बदलनी होगी।
लॉ ग्रेजुएट जिप की दौड़ में- सोलन के स्यार वार्ड से प्रधान पद की रेस में हिंदी में पीएचडी डा. मुकेश शुक्ला हैं। जबकि, लॉ ग्रेजुएट रामकृष्ण शर्मा दाड़ला वार्ड से जिप के लिए लड़ रहे हैं।
इसके अलावा मंझौली वार्ड से भी लॉ ग्रेजुएट विजय जिला परिषद से चुनावी मैदान में हैं। नादौन (हमीरपुर) के धनेटा-भदरुं बीडीसी सदस्य के लिए राजकुमार उर्फ राजू (एमए) ने भी चुनावी ताल ठोकी है।
चाचा-भतीजे में जंग- सराज क्षेत्र की सुनाह लम्बाथाच पंचायत में प्रधान पद पर चाचा तेज सिंह तथा भतीजा चमन लाल ठाकुर चुनाव लड़ रहे हैं। भतीजे को बीजेपी का समर्थन हासिल है। पिछले चुनाव में चाचा और भतीजे की जंग उपप्रधान पद के लिए हुई थी। जिसमें भतीजे ने जीत हासिल की थी।
जी... आप संभालो घर, मैं तो चली प्रचार पर
मैहतपुर (ऊना)। पंचायत चुनावों में पतियों के हवाले घर छोड़कर अब पत्नियां चुनाव प्रचार के लिए निकल पड़ीं हैं। गली मोहल्ले के अपने मतदाताओं को रिझाने मनाने की कवायद शुरू हो चुकी है। अपने अपने चुनाव निशान का हवाला देकर पत्नियां वोट मांग रही हैं। पतियों के आग्रह पर प्रधानगी के लिए चुनाव प्रचार कर रहीं हैं।
देखा गया है कि गई ग्राम पंचायतों में पहली दफा चुनाव प्रचार में कूदी महिला प्रत्याशियों को तो अपने गांव के मोहल्लों की पूरी जानकारी भी नहीं है, और उनके साथ चल रही कुछ महिलाएं ही उन्हें गली, घर और मोहल्लों की जानकारी दे रही हैं। चुनाव प्रचार के दौरान कई महिला प्रत्याशियों को ऐसे लोगों को भी अपने चुनाव निशान दिखाकर वोट मांगते देखा गया है, जो उस गांव से ताल्लुक भी नहीं रखते।
गलती का अहसास होने पर साथ चल रही महिलाओं को बात संभालते देखा गया है। जिन ग्राम पंचायतों में प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं, वहां महिलाओं ने पतियों के हवाले घर छोड़ दिया है। प्रचार में जुटी महिला टोली में शामिल सीमा, रेखा, सुमन, प्रीती, कंचन, प्रेम, जोगिंद्रो समेत कई अन्य महिलाओं ने कहा कि अब तक घर को संभाला था, अब गांव को संभालने का जिम्मा मिला है।