वर्तमान में पानी बिलों को मैनुअल लिया जाता है। रीडिंग नोट करके कागजों में चढ़ाई जाती है, फिर स्टाफ तय दरों के हिसाब से पानी के बिल काटता है। कर्मचारी घर-द्वार बिल पहुंचाता है। इससे न तो पानी की खपत की सटीक जानकारी मिल पाती है और न ही बिल समय पर मिलने की गारंटी होती है।
जीपीएस प्रणाली से आएगी पारदर्शिता : महेंद्र
आईपीएच मंत्री ठाकुर महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में हर घर को नल व हर घर को जल देने का सरकार प्रयास कर रही है। पारदर्शिता को लेकर जीपीएस सिस्टम को लागू किया जा रहा है।