चुनावों के दौरान शराब की अवैध बिक्री ओर सप्लाई पर नकेल कसने को प्रदेश आबकारी विभाग ने कड़ा फैसला लिया है। आबकारी आयुक्त की ओर से सभी डिस्टलरियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उन्हीं वाहनों के जरिये मार्केट में शराब की सप्लाई करेंगी, जिनमें जीपीएस डिवाइस लगा हो। इन वाहनों की जानकारी विभाग से साझा करनी होगी, ताकि विभाग इन पर नजर रख सके।
साथ ही रोजाना उत्पादित होने वाली शराब व सप्लाई के लिए डिस्टलरी से निकलने का डाटा भी विभाग को देना होगा। विभाग ने कहा है कि सोमवार से रोजाना शराब कंपनियां यह जानकारी भेजेंगी। आबकारी आयुक्त राजीव शर्मा ने बताया कि शराब की सप्लाई पर नकेल कसने के लिए पहले ही 53 विशेष दल गठित कर दिए गए हैं। ये शराब की अवैध सप्लाई या बिक्री पर नजर रख रहे हैं।
डिस्टलरी से निकलने वाली शराब का स्टॉक करने या तय स्थान की जगह कहीं और सप्लाई करने की संभावना को देखते हुए जीपीएस डिवाइस लगे वाहनों के प्रयोग के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। कहा कि इसके अलावा जिलों के आबकारी अधिकारियों को भी खास ताकीद की गई है कि वे डिस्टलरी से लेकर मुख्य सप्लायर के पास शराब पहुंचने तक हर पल वाहन पर नजर रखेंगे।
एक वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, जिसमें अधिकारी को ट्रक की जिस जगह भी चेकिंग की है, उस स्थान की जानकारी व ट्रक के साथ फोटो खींचकर भेजना होगा। उन्होंने कहा कि इससे अफसरों को भी फील्ड पर रहना ही होगा और उनके फील्ड पर रहने से गड़बड़ी पर अंकुश लग सकेगा।