एसीसी सीमेंट उद्योग में चलने वाले सभी ट्रकों को अगले कुछ दिनों में जीपीआरएस सिस्टम के साथ जोड़ा जा रहा है। इसके बाद उद्योग से सीमेंट लेकर जाने वाले सभी ट्रकों की लोकेशन यूनियन के पास रहेगी। बरमाणा सीमेंट उद्योग में वर्तमान में बीडीटीएस और पूर्व सैनिक यूनियन के करीब चार हजार ट्रक चल रहे हैं। यूनियन का लक्ष्य इस वर्ष सभी ट्रकों को जीपीआरएस सिस्टम से जोडने का लक्ष्य है।
यूनियन का कहना है कि इस सिस्टम के कारण ऑपरेटर आसानी से अपने ट्रकों पर नजर रख सकते हैं। ऑपरेटर को पूरी जानकारी होगी कि उनका ट्रक किस दिशा में जा रहा है। कब ट्रक सीमेंट लेकर तय स्थान पर पहुंचा और कब वापसी के लिए चला, इस बात की भी पूरी जानकारी आसानी से ऑपरेटर के पास होगी। इसके अलावा अगर कोई गाड़ी चोरी भी हो जाती है तो आसानी से पुलिस उसे ट्रेस कर पाएगी।
पूरा सिस्टम ट्रक यूनियन एसीसी कंपनी के सहयोग से ट्रकों में लगा रही है। इसी कड़ी में अभी तक 1200 ट्रकों को जीपीआरएस सिस्टम से जोड़ दिया गया है। जबकि हर रोज दस नए ट्रक इस सिस्टम के साथ जोड़े जा रहे हैं। यूनियन का दावा है कि इस साल अंत तक सभी ट्रकों को इस सिस्टम के साथ जोड़ दिया जाएगा।बीडीटीएस के महासचिव रजनीश ठाकुर का कहना है कि अभी तक 1200 ट्रक जीपीआरएस सिस्टम से जुड़ चुके हैं।
हर रोज दस ट्रक इस सिस्टम के साथ जोड़े जा रहे हैं। इसी वर्ष उद्योग में चलने वाले सभी ट्रक जीपीआरएस से जोड़ दिए जाएंगे। हाल में चोरी हुए चार ट्रकों को भी पुलिस ने ट्रक में लगे जीपीआरएस सिस्टम की मदद से बरामद कर लिया है। पुलिस ने ट्रक की लोकेशन यूनियन से ली। इसके बाद ट्रक बरामद कर लिए गए।