प्रदेश के सरकारी स्कूलों से गायब रहने वाले शिक्षकों पर शिकंजा कसने की तैयारी पूरी हो गई है। राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों के औचक निरीक्षण को गठित किए गए निरीक्षण निदेशालय को हरी झंडी दे दी है। शिक्षा विभाग ने निरीक्षण निदेशालय की अधिसूचना जारी कर दी है। अब ड्यूटी में कोताही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लापरवाह शिक्षकों को बर्खास्त भी किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की बजट भाषण के दौरान शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए निरीक्षण निदेशालय गठित करने की घोषणा की थी। 27 मई 2016 को राज्य मंत्रिमंडल ने निरीक्षण निदेशालय के गठन को मंजूरी दी थी। अब शिक्षा विभाग ने निदेशालय के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। निरीक्षण निदेशालय के तहत 80 अफसरों और कर्मचारियों को शामिल किया गया है। राजधानी शिमला स्थित शिक्षा निदेशालय से ही निरीक्षण निदेशालय काम करेगा।