निदेशालय ने आरएंडपी नियमों और शिक्षा कोड के प्रावधानों को दोहराते हुए सभी सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को निर्देश जारी किए हैं कि प्रवक्ता (स्कूल न्यू) को कक्षा 6 से 12 तक पढ़ाने की जिम्मेदारी दी जाए। यह देखा गया है कि कई संस्थानों में इन प्रवक्ताओं को केवल कक्षा 11 और 12 की पढ़ाई तक सीमित कर दिया जाता है, जो न तो आरएंडपी नियमों के अनुसार है और न ही उनकी नियुक्ति की शर्तों के अनुरूप। आरएंडपी नियमों के अनुसार लेक्चरर (स्कूल न्यू) को कक्षा 11 और 12 में स्नातकोत्तर विषयों के साथ-साथ कक्षा 6 से 10 तक स्नातक स्तर के विषय पढ़ाने की पात्रता है। शिक्षा कोड के अनुसार विद्यालय के प्रधानाचार्य को यह अधिकार है कि वह संस्थागत आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षण कार्य सौंपें।
नियमों का तुरंत प्रभाव से सख्ती से करें पालन
स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि प्रवक्ता (स्कूल न्यू) को निचली कक्षाओं में पढ़ाने की जिम्मेदारी देना न केवल प्रशासनिक रूप से वैध है, बल्कि यह स्कूलों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आवश्यक भी है। निदेशालय ने सभी स्कूलों को यह निर्देश दिए हैं कि इन प्रावधानों को सक्रिय रूप से लागू करें और शिक्षण कार्यों में अनावश्यक विभाजन से बचें। निदेशालय ने सभी स्कूलों को तुरंत प्रभाव से इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।