हिमाचल के आदर्श स्कूल का हाल तो देखिए। स्कूल में पढ़ाई भले ही इंग्लिश मीडियम में हो रही है, पर यहां अध्यापकों के नौ पद खाली हैं। पाठशाला में 320 बच्चे हैं। जमा एक और जमा दो कक्षा के बच्चे निचली कक्षाओं के छात्रों को पढ़ा रहे हैं। हालांकि, उन्हें पढ़ाने के लिए भी अध्यापक नहीं हैं।
मात्र एक राजनीति शास्त्र विषय के शिक्षक की नियुक्ति एसएमसी के तहत हुई है। पिछले दो माह से स्कूल में ऐसी ही व्यवस्था चल रही है। इसे देखते हुए इसी स्कूल से रिटायर क्षेत्र के एक शिक्षक चमन ठाकुर मुफ्त में सेवाएं दे रहे हैं। छठी से दसवीं तक कक्षाओं के पढ़ाने
के लिए छह शिक्षक हैं, लेकिन उन पर सीनियर कक्षाओं का अतिरिक्त भार है। प्रधानाचार्य का पद खाली होने पर उनका भी काम देखना पड़ रहा है। मिड डे मील और अन्य कार्यशालाओं में भी अध्यापकों को जाना पड़ता है।
जब भी पीरियड खाली तब ले लेते हैं क्लास
आनी के कोठी स्कूल के जमा एक, जमा दो या नौवीं-दसवीं के छात्रों का जब भी पीरियड खाली होता है तो वे निचली कक्षाओं में पढ़ाने पहुंच जाते हैं। छात्र टीचर की तरह ब्लैक बोर्ड पर सवाल समझाते हैं, बच्चों को होमवर्क देते हैं और अगले दिन दूसरे शिक्षक उसे चेक करते हैं।
बताया जा रहा है कि कई बार शिक्षक न होने पर सीनियर बच्चे ही पूरा दिन क्लास लेते हैं। स्टाफ भी इससे खुश है। सरकार और शिक्षा विभाग को कई बार लिखा पर समस्या जस की तस है। शिक्षा क्षेत्र में अव्वल राज्य के स्कूलों का ऐसा हाल होगा किसी ने नहीं सोचा था।
ये बच्चे ले रहे क्लासें
निरीक्षण पर ‘अमर उजाला’ ने पाया कि स्कूल की जमा एक की छात्रा निशा और अंजनी अपने खाली पीरियड में सातवीं और नवीं कक्षा के बच्चों को गणित, अंग्रेजी और सोशल साइंस जैसे विषयों को पढ़ा रही हैं। नवीं कक्षा के छात्र राहुल भी छठी कक्षा के छात्रों को गणित और अंग्रेजी विषय पढ़ा रहे हैं।
स्कूल प्रधानाचार्य का तर्क
प्रधानाचार्य सहित टीजीटी नॉन मेडिकल, टीजीटी आर्ट्स, पीजीटी इंग्लिश, टीजीटी हिंदी, इतिहास, फिजीकल एजूकेशन के पद खाली हैं। लिपिक, लैब अटेंडेंट, चौकीदार के पद भी पिछले कई महीनों से रिक्त पड़े हैं। स्कूल में पिछले साल से अंग्रेजी माध्यम भी शुरू किया गया है।
कोठी स्कूल को हिंदी और इंग्लिश मीडियम के अध्यापक के तबादला आदेश हुए थे, लेकिन उक्त दोनों शिक्षक यहां नहीं आना चाहते हैं। एक ने एडजस्टमेंट करवा ली है।
स्कूल के प्रभारी प्रधानाचार्य पोविंद्र चौहान ने माना कि स्कूल में कई पद खाली हैं। सेवानिवृत्त शिक्षक चमन ठाकुर और बच्चे अपनी इच्छानुसार और शौक से पढ़ा रहे हैं।
होमगार्ड रहे केसर सिंह अप्रैल माह से स्कूल में मुफ्त सेवाएं दे रहे हैं। खाली पीरियड होने पर ही बच्चे पढ़ाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल के बच्चे होनहार हैं और छोटी कक्षाओं को पढ़ाने में सक्षम हैं।
उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने बताया कि कोठी स्कूल में स्टाफ की कमी को लेकर संबंधित जिला के अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की जाएगी।
इस स्कूल में स्थानांतरित किए गए शिक्षकों का रिकॉर्ड तलब किया जाएगा। जल्द ही स्कूल में रिक्त चल रहे शिक्षकों के पदों को भरा जाएगा।