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Himachal: अस्पतालों की खराब लिफ्टों को लेकर सरकार को फटकार, 30 जून तक मांगी स्टेटस रिपोर्ट

Thu, 07 May 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य के सरकारी अस्पतालों में खराब लिफ्टों की वजह से मरीजों और बुजुर्गों को हो रही असुविधा पर कड़ा संज्ञान लिया है। 
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी अस्पतालों में खराब लिफ्टों की वजह से मरीजों और बुजुर्गों को हो रही असुविधा पर कड़ा संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने खराब लिफ्टों को लेकर सरकार और स्वास्थ्य विभाग को व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिए हैं। अदालत ने प्रदेश के सभी बहुमंजिला सरकारी अस्पतालों की सूची और वहां मरीजों की सुविधा के लिए उपलब्ध लिफ्टों की विस्तृत जानकारी के साथ नया स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा। अदालत ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुविधा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सरकार को समयबद्ध तरीके से इन लिफ्टों को ठीक करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 30 जून को होगी।

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अदालत में पेश किए गए हलफनामे से यह खुलासा हुआ है कि राज्य के 118 बहुमंजिला अस्पतालों में स्थापित कुल 56 लिफ्टों में से केवल 43 ही चालू हालत में हैं। शेष 13 लिफ्ट रखरखाव और अन्य तकनीकी कारणों से बंद पड़ी हैं। अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि अस्पतालों में मरीजों और डॉक्टरों की सुविधा के लिए लगाई गई लिफ्टें बेकार पड़ी हैं। सरकार यह सुनिश्चित करे कि अगली सुनवाई तक सभी 13 खराब लिफ्टों को क्रियाशील बनाया जाए। खंडपीठ ने यह संज्ञान न्यायालय को मिली उन शिकायतों पर लिया है, जिनमें कहा गया है कि अस्पतालों में जो लिफ्ट चालू हैं, उनमें से भी एक को डॉक्टरों और स्टाफ के लिए आरक्षित कर दिया जाता है। इस कारण बुजुर्गों, दिव्यांगों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को ऊपरी मंजिलों तक जाने के लिए सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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