अदालत में पेश किए गए हलफनामे से यह खुलासा हुआ है कि राज्य के 118 बहुमंजिला अस्पतालों में स्थापित कुल 56 लिफ्टों में से केवल 43 ही चालू हालत में हैं। शेष 13 लिफ्ट रखरखाव और अन्य तकनीकी कारणों से बंद पड़ी हैं। अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि अस्पतालों में मरीजों और डॉक्टरों की सुविधा के लिए लगाई गई लिफ्टें बेकार पड़ी हैं। सरकार यह सुनिश्चित करे कि अगली सुनवाई तक सभी 13 खराब लिफ्टों को क्रियाशील बनाया जाए। खंडपीठ ने यह संज्ञान न्यायालय को मिली उन शिकायतों पर लिया है, जिनमें कहा गया है कि अस्पतालों में जो लिफ्ट चालू हैं, उनमें से भी एक को डॉक्टरों और स्टाफ के लिए आरक्षित कर दिया जाता है। इस कारण बुजुर्गों, दिव्यांगों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को ऊपरी मंजिलों तक जाने के लिए सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है।