हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के जुन्गा में चार दिवसीय शिमला फ्लाइंग फेस्टिवल के शुभारंभ पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने जाइका वानिकी परियोजना से जुड़े स्वयं सहायता समूूहों के प्राकृतिक उत्पादों की सराहना की। राज्यपाल ने वानिकी परियोजना के स्टॉल का लोकार्पण किया। इस अवसर पर परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक समीर रस्तोगी और परियोजना निदेशक श्रेष्ठा नंद शर्मा ने उनका स्वागत किया।
राज्यपाल ने कहा कि मिलेट्स के उपयोग को बढ़ावा देना जरूरी है, क्योंकि इससे हमारा स्वास्थ्य ठीक रहता है। रसायनों के प्रयोग से बेशक उत्पादन बढ़ता है, लेकिन नुकसान भी बहुत होते हैं। मुख्य परियोजना निदेशक समीर रस्तोगी ने राज्यपाल को जाइका वानिकी परियोजना की गतिविधियों से अवगत करवाया। शिमला फ्लाइंग फेस्टिवल में किन्नौरी पारंपरिक परिधान, पाइन नीडल प्रोडक्ट्स, लाहौल का छरमा, किन्नौरी राजमा, खुमानी, सत्तू, पट्टी का कोट, किन्नौरी और कुल्लू की टोपी, शॉल व स्टोल, आचार, शहद, छरमा की चाय सहित अन्य उत्पाद बिक्री के लिए लाए गए हैं।
इस मौके पर वन मंडल चौपाल में कार्यरत सेवानिवृत हिमाचल प्रदेश वन सेवा अधिकारी एलआर चौहान, प्रोग्राम मैनेजर विनोद शर्मा, डीएमयू शिमला से विषय वस्तु विशेषज्ञ योशा सोलंकी, क्षेत्रीय तकनीकी इकाई समन्वयक मशोबरा वन परिक्षेत्र पूजा, वन परिक्षेत्र तारादेवी से क्षेत्रीय तकनीकी इकाई समन्वयक प्रतिभा शर्मा, डीएमयू चौपाल से विषय वस्तु विशेषज्ञ अरुण वर्मा, क्षेत्रीय तकनीकी इकाई समन्वयक वन परिक्षेत्र कंडा नरेंद्र कुमार, क्षेत्रीय तकनीकी इकाई समन्वयक वन परिक्षेत्र थरोच देवा नंद शर्मा, क्षेत्रीय तकनीकी इकाई समन्वयक वन परिक्षेत्र निचार प्रियंका नेगी व भावानगर से सुरेखा नेगी, क्षेत्रीय तकनीकी इकाई समन्वयक बिलासपुर सदर मधु पुंडीर और कुल्लू से मास्टर प्रशिक्षक जुगत राम ठाकुर मौजूद रहे।