राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने भगवान त्रिलोकीनाथ के दर्शन किए।
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हिमाचल की धरा पर्यटन के साथ देव दर्शन के लिए भी मानी जाती है। हिमाचल देवभूमि है और यह सबको प्रभावित करती है। कुछ पर्यटक घूमने तो कुछ देव दर्शन के लिए आते हैं। यह बात राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने भगवान त्रिलोकीनाथ के दर्शन के बाद कही। उन्होंने कहा कि त्रिलोकनाथ को हिंदू और बौद्ध दोनों धर्म के लोग पूजते हैं। मेरे लिए यह एक अद्भुत श्रद्धा है जिसे मैंने महसूस किया। उन्होंने जनजातीय जिला में नौतोड़ को लेकर कहा कि इस विषय पर कई बार राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है अब केंद्र सरकार से भी बात की जाएगी।
अटल टनल रोहतांग को लेकर राज्यपाल ने कहा कि सुना था कि पहले यात्रा कई घंटों की होती थी अब मात्र 10 मिनट की हो गई है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह टनल अटल बिहारी वाजपेयी के नाम है। राज्यपाल ने कहा कि वे कुल्लू दशहरा का शुभारंभ कर आए हैं तो उन्होंने देखा कि जिस तरह देवता रथ मैदान में पहुंच रहे थे, वह भी एक अद्भुत है। देवता लोगों के वश में नहीं हो रहे थे। उन्होंने कहा कि अब हिमाचल त्रासदी से उभर आया है। अब निश्चित रूप से पर्यटक हिमाचल आने चाहिए। उन्होंने पर्यटकों से आग्रह किया कि वे हिमाचल में उपस्थिति दर्ज कर यहां की प्रकृति का आनंद लें।