हिमाचल में शुक्रवार को सरकारी और निजी बसें 100 फीसदी क्षमता के साथ सड़कों पर दौड़ने लगी हैं। जैसे-जैसे निजी बसें चल रही हैं, उसी हिसाब से परिवहन निगम बसों की समयसारिणी और रूटों में बदलाव कर रहा है। कोरोना के चलते 60 फीसदी ऑक्यूपेंसी के हिसाब से निजी बस ऑपरेटर बसें चलाने को तैयार नहीं थे, लेकिन 100 फीसदी क्षमता पर बसें चलाने की अधिसूचना जारी होने के बाद अधिकांश निजी ऑपरेटरों ने बसें चला दी हैं, जबकि कई निजी ऑपरेटर बसें चलाने को तैयार नहीं हैं। परिवहन निगम का मानना है कि कोरोना से पहले जिस हिसाब से रूट और समयसारिणी तय थी, उसी तरह से धीरे-धीरे बसें चलाई जा रही हैं। उधर, निजी बस ऑपरेटर संघ बस चलाने को आनाकानी कर रहे हैं। संघ का कहना है कि सरकार निजी ऑपरेटरों की 6 सूत्रीय मांगों पर विचार करे।