हिमाचल के कारोबारियों के लिए अच्छी खबर आने वाली है। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) से छोटे कारोबारियों को बाहर करने की तैयारी है। प्रदेश में दस लाख रुपये तक का सालाना कारोबार करने वालों को टैक्स से बाहर किया जा सकता है। हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू जैसे विशेष श्रेणी वाले राज्यों के लिए ऐसा प्रावधान किया जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से जीएसटी के प्रस्तावित प्रारूप के खाके में इसका उल्लेख किया गया है। इस कदम से केंद्र ने प्रदेश सरकार को अवगत करा दिया है। टैक्स का मौजूदा खाका प्रदेश के तकरीबन सभी कारोबारियों पर लागू है। इसके दायरे में हिमाचल का हर छोटा और बड़ा कारोबारी आ रहा है, लेकिन जीएसटी में ऐसा नहीं होगा।
जीएसटी के तहत न्यूनतम पांच लाख रुपये तक सालाना कारोबार करने वालों को टैक्स के दायरे से बाहर किया गया है, लेकिन हिमाचल प्रदेश में यह सीमा बढ़ाकर दस लाख की है। हिमाचल सहित देश के सभी विशेष श्रेणी वाले राज्यों को जीएसटी में यह राहत देने का प्रावधान किया गया है। इससे प्रदेश के हजारों कारोबारियों को सीधे तौर पर लाभ होगा। उन्हें टैक्स भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।