शिमला। राजधानी के गेयटी थियेटर के ललित कला हॉल में चल रही प्रदर्शनी में गोंद आर्ट के चित्र देश-विदेश के पर्यटकों काे खूब पसंद आ रहे हैं। गोंद आर्ट मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की गोंड जनजाति की परंपरा है जो परंपरागत रूप से घरों की दीवारों पर बनाई जाती थी। इसमें आकृतियों को बिंदुओं (डॉट) और रेखाओं से भरा जाता है। प्रदर्शनी की संचालक सावित्री नेगी ने बताया कि पुराने समय में यह चित्र पारंपरिक रूप से कोयला, रंगीन मिट्टी, पत्तियों के रस, हल्दी और गोबर से बनाए जाते थे लेकिन अब यह एक्रेलिक रंगों का उपयोग से बनाए जाते हैं। यह चित्र मुख्य तौर पर विदेशी पर्यटकों को पसंद आ रहे हैं। संवाद