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मंदिर में मिलेंगे सोने के सिक्के, सरकार ने किया करार

Thu, 29 Sep 2016 10:52 AM IST
शशिभूषण पुरोहित/अमर उजाला, ऊना
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देवभूमि हिमाचल के शक्तिपीठों के अलावा अन्य मंदिरों में मौजूद सोने-चांदी के अकूत भंडार का हिस्सा अब भक्तों के घर की शोभा बढ़ाएगा। भक्तों की ओर से चढ़ाए गए सोने-चांदी को सिक्कों में ढालने की योजना को अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू हो गई है। मैया के भक्त जल्द ही मां के दरबार से सिक्के खरीद सकेंगे।
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हिमाचल सरकार ने इसके लिए माइन एंड मिनरल ट्रेडिंग कारपोरेशन भारत सरकार (एमएमटीसी) से करार कर लिया है। भारत सरकार का यह निगम सोना-चांदी पिघलाने का काम करता है। जानकारी के मुताबिक छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी, बज्रेश्वरी मंदिर कांगड़ा, ज्वालाजी, श्रीनयना देवी और नंदिकेश्वर धाम चामुंडा के अलावा करीब दो दर्जन मंदिरों को इस योजना के तहत शामिल किया गया है।

इन मंदिरों में लगभग 178 करोड़ का सोना-चांदी मौजूद है। अकेले चिंतपूर्णी मंदिर में पौने दो क्विंटल सोना के अलावा चांदी का भंडार है। चिंतपूर्णी मंदिर के पूर्व आयुक्त एवं एडीएम ऊना राजेश मारिया ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि चिंतपूर्णी मंदिर से संबंधित एग्रीमेंट सरकार को भेज दिया गया है।
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जल्द यहां चढ़ाए सोने-चांदी के सिक्के बनाए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक इस योजना के तहत हिमाचल के कुछ चिन्हित मंदिरों में पांच क्विंटल से ज्यादा सोना मौजूद है, जिसकी कीमत 126 करोड़ से ज्यादा है। इसके अलावा इन मंदिरों में 158 क्विंटल चांदी का भंडार है, जिसकी कीमत 52 करोड़ तक बताई जा रही है।

एमएमटीसी देगा मंदिरों को सैंपल
एडीएम राजेश मारिया ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया के लिए बाकायदा एक सिक्योरिटी कमेटी का गठन किया जाएगा। उसकी निगरानी में पूरा सोना-चांदी दिल्ली स्थित एमएमटीसी कार्यालय भेजा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी। उसके बाद 99.9 प्रतिशत शुद्ध धातु के सिक्कों के सैंपल एमएमटीसी की ओर से मंदिरों को भेजे जाएंगे।

प्रथम चरण में ये सिक्के मंदिरों में उपलब्ध रहेंगे। कंपनी को भी इसकी ट्रेडिंग का सुझाव दिया गया है। डिमांड के हिसाब से सिक्कों का वजन तय किया जाएगा। उसके बाद इसकी कीमत तय होगी।
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