हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने चयन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने के मकसद से राज्य लोक सेवा आयोग को आदेश दिया है कि वह प्रत्येक उम्मीदवार द्वारा प्रारंभिक परीक्षा और लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों को अपनी ऑफि शियल वेबसाइट में दर्शाएं।
यह आदेश प्रार्थी पूनम कुमारी ठाकुर की याचिका का निपटारा करते हुए न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश वीके शर्मा की खंडपीठ ने पारित किए। एचएएस की लिखित परीक्षा में असफ ल होने के बाद प्रार्थी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
आयोग ने प्रार्थी की उत्तर पुस्तिका का दोबारा मूल्यांकन करने से यह कहकर इनकार कर दिया था कि प्रार्थी ने केवल 414 अंक प्राप्त किए हैं, जबकि सामान्य श्रेणी के लिए 510 अंक चाहिए थे।
अदालत ने आयोग को आदेश दिया है कि प्रार्थी की उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन के लिए विशेषज्ञों की कमेटी गठित करे।