महासचिव ने लिखा है कि ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्तियों में भी निष्ठावान, समर्पित और कर्मठ कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया है। ऐसे लोगों को ब्लॉक अध्यक्ष बना दिया, जिन्हें कोई जानता तक नहीं।
इससे भी पार्टी के जुझारू और संगठन के लिए दिन रात एक करने वाले कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा है। प्रदेश सरकार की गलत नीतियों की भी आलोचना नहीं हो रही।
शीर्ष पदों पर बैठे नेता सरकार से फ्रेंडली मैच खेल रहे हैं। मेरे पिता केडी सुल्तानपुरी भी शिमला संसदीय क्षेत्र से छह बार सांसद रहे हैं। लेकिन, पार्टी की जो स्थिति इस समय कर दी गई है, वैसी कभी नहीं हुई।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर कहते हैं कि मुझे ऐसे पत्र का जानकारी नहीं है। पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट और तीन सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ब्लाक अध्यक्षों की तैनाती पारदर्शिता से की है। पार्टी मजबूत हुई है और सरकार की नीतियों का हर मंच से विरोध किया है।